नर्मदापुरम (ईएमएस)। जिला मुख्यालय पर इन दिनों सड़क किनारे की बहुमूल्य हो चुकी जमीनों पर जो की डूब क्षेत्र में भी आती हैं उन पर मिट्टी फीलिंग का अवैध खेल चल रहा है। प्रशासन का निरंतर ऐसी शिकायतें पहुंच रहे हैं और मीडिया की खबरों की सुर्खियां भी बन रही है। सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह ने तो प्रशासन को भोपाल तिराहे मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे हजारों ट्रक मिट्टी फीलिंग मामले की लिखित शिकायत कर कार्यवाही का निवेदन किया था परंतु आज दिनांक तक मामला भी जिला प्रशासन की जांच में लंबित पड़ा हुआ है जो यह साबित करता है कि मिट्टी माफियाओं और रसूखदारों की पहुंच कितनी ऊपर तक है? अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ कि अब भोपाल तिराहे से नर्मदा ब्रिज की ओर एसपीएम रेलवे क्रॉसिंग के पास मुख्य सड़क किनारे डूब क्षेत्र में भारी मात्रा में मिट्टी फीलिंग का मामला सामने आया है। जहां पर पिछले कुछ दिनों से निरंतर प्रशासन की छुट्टियों के दौरान डंपरों से मिट्टी फीलिंग दिन दहाड़े होती देखी गई। सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद इस मामले को जिला प्रशासन ने संज्ञान में लिया है, वही मामले की लिखित शिकायत भी हुई है। अवगत हो कि मौका स्थल के पास में ही एसपीएम द्वारा अधिग्रहीत जमीन से रेल लाइन भी निकली हुई है।सूत्र बताते हैं कि सन 1962 में एसपीएम ने उक्त जमीन रेल लाइन हेतु अधिग्रहित की थी। एसपीएम और राजस्व विभाग के दस्तावेजों से ही रेल लाइन की अधिग्रहीत जमीन की सीमा रेखा चिन्हित होगी।शहरी तहसीलदार सरिता मालवीय ने बताया कि ग्रामीण तहसीलदार, खनिज निरीक्षक सहित प्रशासन की टीम ने मौका स्थल पर पहुंचकर मिट्टी की अवैध डंपिंग का मामला बनाया है और मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल प्रशासन की कार्यवाही के बाद यह बात चर्चा में आ गई है कि आखिर उक्त मिट्टी कहां से खोदकर लाई जा रही थी? आखिर कौन मिट्टी माफिया है जो की डंपिंग का ठेका ले रहे हैं और हजारों ट्रक मिट्टी उपलब्ध करा रहे हैं फीलिंग के लिए? जिला प्रशासन को एसपीएम रेल लाइन के आसपास अधिग्रहित जमीन की भी जांच कर देखना होगा कि कितने क्षेत्र में अतिक्रमण कर लिया गया है? शासनहित और जनहित में उक्त क्षेत्र का सीमांकन कराया जाना भी अति आवश्यक हो गया है। ईएमएस / 08/04/2026