लंदन (ईएमएस)। क्रिकेट में जहां काफी पैसा है और खिलाड़ी वैभवशाली जीवनशैली जीते हैं पर हर किसी के मामले में ये लागू नहीं होता। इसी कारण क्रिकेट से संन्यास के बाद कई खिलाड़ी मुश्किल हालातों में संघर्ष करते देखे गये हैं। यही कुछ इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मैथ्यू होगॉर्ड के साथ हुआ है। होगॉर्ड एक समय इंग्लैंड के प्रमुख गेंदबाज थे। साल 2005 में उन्होंने इंग्लैंड को एशेज में जीत दिलायी थी। वहीं क्रिकेटर आज कुत्तों की देखभाल कर अपना जीवन गुजार रहे हैं। 2000 से 2008 तक इंग्लैंड की गेंदबाज़ी का आधार रहे होगॉर्ड को संन्यास के बाद वह जगह नहीं मिली जो मिलनी चाहिये थी। इसी कारण उनके आर्थिक हालात खराब होते गये और अंत में उन्हें अपनी पत्नी के साथ कुत्तों की देखभाल का काम करना पड़ रहा है जबकि अपनी करियर के दिनों में होगॉर्ड का समाना करने से विश्व के दिग्गज बल्लेबाज डरते थे। उनके नाम 67 टेस्ट मैचों में 248 विकेट हैं। होगॉर्ड गेंद को दोनों तरफ घुमाते थे। साल 2005 एशेज सीरीज में होगॉर्ड ने 24 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को धवस्त कर दिया था। उकनी स्विंग के सामने रिकी पोंटिंग और मैथ्यू हेडन जैसे दिग्गज वहीं सला 2008 के आसपास होगॉर्ड का प्रदर्शन नीचे आया जिसके बाद उनकी काउंटी टीम यॉर्कशायर ने भी उन्हें बाहर कर दिया। क्रिकेट से संन्यास के बाद आर्थिक संकट बढ़ने लगे। ऐसे में उन्हें अपना घर चलाने के लिए एक नया रास्ता चुनना पड़ा। होगॉर्ड ने ‘हॉगर्स डॉग ग्रूमिंग’ नाम से एक बिजनेस शुरू किया. आज वे कुत्तों को नहलाते हैं, उनके बाल काटते हैं और उन्हें संवारते हैं। सुनने में यह किसी के लिए भी चौंकाने वाला हो सकता है कि जिस हाथ ने कभी एशेज की चमचमाती ट्रॉफी थामी थी, वो आज जानवरों की सेवा कर रहे हैं। गिरजा/ईएमएस 09 अप्रैल 2026