राष्ट्रीय
09-Apr-2026
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असम में 17.87, केरल में 16.23, पुडुचेरी में 17.41 प्रतिशत हुआ मतदान नई दिल्ली,(ईएमएस)। आज गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान हो रहा है। सुबह 7 बजे से शुरु हुए मतदान में असम सबसे आगे निकल गया। यहां सुबह 9 बजे तक दोनों राज्यों की अपेक्षा ज्यादा मतदान हुआ है, जबकि पुडुचेरी में सबसे कम मतदान हो पाया है। जानकारी के मुताबिक असम में 17.87, केरल में 16.23, पुडुचेरी में 17.41 प्रतिशत मतदान हुआ है। हालांकि जिस तरह से कतारे बढ़ रही हैं उससे लगता है कि वोट प्रतिशत बेहतर रह सकता है। वोटर ईवीएम के जरिए अपने अधिकार का प्रयोग करते दिखे। वोटर यह तय करेंगे कि सत्ता किसके हाथ में जाएगी। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अब अंतिम फैसला जनता के हाथ में है। निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने हर बूथ पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इस बार बड़ी संख्या में युवा मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। अब सबकी नजर इस बात पर है कि किसे सत्ता मिलेगी और किसे हार का सामना करना पड़ेगा। केरल में वोटिंग, बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने लिखा- मैं केरल के लोगों से 2026 के विधानसभा चुनावों में बड़ी संख्या में मतदान करने का आह्वान करता हूं। रिकॉर्ड भागीदारी केरल की लोकतांत्रिक भावना को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। मैं विशेष रूप से राज्य के युवाओं और महिलाओं से आग्रह करता हूँ कि वे आगे आएं और बड़ी संख्या में मतदान करें। ज़्यादा सीटें जीतेगी- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केरल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पेरावूर से उम्मीदवार सनी जोसेफ ने कहा- यूडीएफ को ज्यादातर सीटों पर जीत मिलेगी। यूडीएफ 100 से ज़्यादा सीटें जीतेगी। स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे दोहराए जाएंगे... हमें पूरी उम्मीद है... मेरी लोगों से अपील है कि वे अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल करें और यूडीएफ के नेतृत्व वाली सरकार को चुनें, ताकि मौजूदा सरकार की जन-विरोधी नीतियों को खत्म किया जा सके... मुख्यमंत्री का नाम हाईकमान से सलाह-मशविरा करके तय किया जाएगा। असम में भाजपा बनाम कांग्रेस की कांटे की टक्कर असम की 126 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है। यह एक बेहद अहम मुकाबला होगा, जिसमें भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन आमने-सामने हैं। भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस उस राज्य को वापस पाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसे उसने 2016 में गंवा दिया था। ज्यादातर सीटों पर सीधा मुकाबला होने की वजह से, यह चुनाव बहुत कम वोटों के अंतर से तय होने की उम्मीद है। हालांकि, कुछ चुनिंदा सीटों पर क्षेत्रीय पार्टियां अहम भूमिका निभा सकती हैं, जिससे यह मुकाबला, जो कि मुख्य रूप से दो ध्रुवों के बीच का है, और भी दिलचस्प हो जाएगा। वीरेंद्र/ईएमएस/09अप्रैल2026 ---------------------------------