राष्ट्रीय
09-Apr-2026
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सीएम, बोले— डीएमके की जीत रोकने की कोशिश; विपक्ष की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई चेन्नई,(ईएमएस)। चुनाव आयोग द्वारा तमिलनाडु में वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले के फैसले पर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने इस कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने बुधवार को तमिलनाडु के मुख्य सचिव और डीजीपी स्तर के अधिकारियों को हटाते हुए नई नियुक्तियां कीं। मुख्य सचिव एन. मुरुगानंदन की जगह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम. साई कुमार को नियुक्त किया गया है, जबकि डीजीपी (सशस्त्र पुलिस, सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक) एस. डेविडसन देवसीर्वाथम की जगह 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी संदीप मित्तल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हटाए गए अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव-संबंधित पद पर नियुक्त न किया जाए। यह कदम विपक्षी दलों की उन शिकायतों के बाद उठाया गया, जिनमें आरोप लगाया गया था कि राज्य का प्रशासनिक तंत्र सत्तारूढ़ डीएमके के पक्ष में काम कर रहा है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए एमके स्टालिन ने सवाल उठाया कि हाल ही में चुनाव आयोग के अधिकारियों ने तमिलनाडु की कानून-व्यवस्था को संतोषजनक बताया था, फिर अचानक ऐसा क्या बदल गया कि इतने बड़े स्तर पर तबादले करने पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग “बीजेपी की एक शाखा” की तरह काम कर रहा है और यह कदम डीएमके की संभावित जीत को रोकने की कोशिश है। स्टालिन ने यह भी दावा किया कि ये तबादले विशेष रूप से विपक्षी दल एआईएडीएमके और उसके नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी को फायदा पहुंचाने के लिए किए गए हैं। उन्होंने सेलम की कलेक्टर वृंदा रवि के तबादले का भी उल्लेख करते हुए इसे राजनीतिक रणनीति बताया। मुख्यमंत्री स्टालिन ने सवाल उठाया कि क्या इसी तरह की कार्रवाई बिहार चुनावों के दौरान भी की गई थी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदमों से डीएमके को नहीं रोका जा सकता और उनकी पार्टी चुनाव में मजबूती से उभरेगी। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है। हिदायत/ईएमएस 09अप्रैल26