सारंगपुर (ईएमएस)। जैन धर्म का सबसे पवित्र और प्रभावशाली मंत्र माने जाने वाले नवकार महामंत्र की महिमा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विश्वभर में मनाए जाने वाले विश्व नवकार महामंत्र दिवस के अवसर पर सारंगपुर में भी विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने मंदिरों एवं स्थानक में एकत्र होकर सामूहिक रूप से नवकार महामंत्र का जाप किया तथा विश्व शांति, मानव कल्याण, अहिंसा और आत्मिक उन्नति की मंगलकामना की। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुवार प्रातःकाल नगर के महावीर अतिशय क्षेत्र बड़ा मंदिर, जैन स्थानक सदर बाजार, पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर एवं दादावाड़ी शांतिनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर में मूलनायक भगवान की प्रतिमाओं के समक्ष विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना एवं अभिषेक के साथ हुई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से नवकार महामंत्र का जाप किया और मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया। उल्लेखनीय है कि नवकार महामंत्र जैन धर्म का मूल और सर्वश्रेष्ठ मंत्र है, जिसमें किसी एक व्यक्ति या देवता की स्तुति नहीं बल्कि पंच परमेष्ठी अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु-साध्वी की वंदना की जाती है। यह मंत्र आत्मशुद्धि, आत्मबल और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। नियमित रूप से नवकार महामंत्र का जाप करने से मन को शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। इस महा मंत्र में 5 पद, 35 अक्षर और 58 मात्राएं है। णमो अरिहंताणं में 7 अक्षर 11 मात्राएं, णमो सिद्धाणं में 5 अक्षर 9 मात्राएं, णमो आइरियाणं में 7 अक्षर 11 मात्राएं, णमो उवज्झायाणं में 7 अक्षर 12 मात्राएं, णमो लोए सव्व साहूणं में 9 अक्षर 15 मात्राएं है। णमोकार मंत्र को नमस्कार मंत्र, पञ्च परमेष्ठी मंत्र, पञ्च नमस्कार मंत्र,अनादिमूलमंत्र,अनादि अनिधन मंत्र, अपराजित मंत्र, महामंत्र, मूलमंत्र,मंत्रराज,सर्वकालिक मंत्र,मोक्ष प्रदायक मंत्र,पंच मंगल मंत्र, पैंतीस अक्षर वाला मंत्र आदि नामों से भी जाना जाता है। इस अवसर पर सकल जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष निर्मल जैन ने कहा कि नवकार महामंत्र केवल जैन समाज के लिए ही नहीं बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए कल्याणकारी मंत्र है। यह मंत्र हमें अहिंसा, सत्य, संयम, करुणा और सदाचार का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि आज के तनावपूर्ण और भागदौड़ भरे जीवन में नवकार मंत्र का जाप मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक सोच प्रदान करता है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस मंत्र के संदेश को अपने जीवन में उतारे तो समाज में प्रेम, सद्भाव और शांति का वातावरण स्थापित हो सकता है। सकल जैन समाज अध्यक्ष नरेन्द्र जैन ने कहा कि विश्व नवकार महामंत्र दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य नवकार महामंत्र की शक्ति और उसके सार्वभौमिक संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है, ताकि लोग आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित होकर अपने जीवन को श्रेष्ठ और सार्थक बना सकें। कार्यक्रम के दौरान बच्चों और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। समाज के वरिष्ठजनों ने युवाओं को जैन धर्म के सिद्धांतों और नवकार महामंत्र की आध्यात्मिक महिमा से अवगत कराया। इसके साथ ही मंदिरों में सामूहिक प्रार्थना, स्वाध्याय और भक्ति गीतों का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन, पूजन एवं जाप कर धर्मलाभ प्राप्त किया। कई श्रद्धालुओं ने अपने घरों में भी परिवार सहित नवकार महामंत्र का जाप कर इस दिवस को श्रद्धा से मनाया ।अंत में विश्व शांति, अहिंसा, सद्भाव और समस्त मानवता के कल्याण की मंगलकामना के साथ सामूहिक नवकार महामंत्र जाप कर कार्यक्रम का समापन किया गया। नरेन्द्र जैन / 09 अप्रैल 26