राष्ट्रीय
09-Apr-2026


नई दिल्ली,(ईएमएस)। असम समेत तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू होने से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी को असम में एक बड़ा झटका लगा। दरअसल उदलगुरी सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार सुरेन दायमारी ने वोटिंग शुरू होने से महज कुछ घंटे पहले पार्टी छोड़ दी और अपनी उम्मीदवारी भी वापस लेने का ऐलान कर दिया। उनके इस अप्रत्याशित कदम ने कांग्रेस के लिए असम में सियासी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं और विपक्षी दलों को निशाना साधने का मौका दे दिया है। सुरेन दायमारी ने मीडिया के सामने आकर सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि वह कांग्रेस छोड़ रहे हैं और अपनी उम्मीदवारी भी वापस ले रहे हैं। हालांकि, एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया, कि भले ही दायमारी ने अपना नाम वापस लेने का ऐलान किया हो, लेकिन ईवीएम में उनका नाम बना रहेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख बीत चुकी थी, और उनके इस तरह वोटिंग से ठीक पहले कदम उठाने से ईवीएम से नाम हटाना संभव नहीं है। इस मामले के कारण कांग्रेस की किरकिरी हो गई और असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा के उस पुराने दावे को भी बल मिला, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस के आधे कैंडिडेट तो मैं ही तय करूंगा। कांग्रेस प्रवक्ता ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दायमारी ने मीडिया के सामने ही यह घोषणा की है और पार्टी को इस संबंध में कोई औपचारिक इस्तीफा नहीं भेजा है। सुरेन दायमारी ने पार्टी छोड़ने की वजह बताते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। यहां बताते चलें कि 73 वर्षीय सुरेन दायमारी एक पूर्व सरकारी कर्मचारी हैं, जिन्होंने इसी साल जनवरी में कांग्रेस जॉइन की थी। उन्होंने कहा कि उदलगुरी सीट पर कांग्रेस सालों से कमजोर है, इसके बावजूद उन्होंने पार्टी को मजबूत करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई समर्थन नहीं मिला। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने तो टिकट मांगा ही नहीं था। उदलगुरी सीट पर भाजपा सीधे मुकाबले में नहीं है; यहां कांग्रेस की टक्कर बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी से है। दायमारी के इस कदम का चुनाव परिणाम और कांग्रेस की भविष्य की रणनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा। हिदायत/ईएमएस 09अप्रैल26