क्षेत्रीय
09-Apr-2026
...


रायपुर(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जोहार छत्तीसगढ़िया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल को राहत देते हुए 3 महीने की अंतरिम जमानत प्रदान की है। यह जमानत उस मामले में दी गई है, जिसमें रायपुर के वीआईपी चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज था। इस प्रकरण में कुल 14 एफआईआर दर्ज की गई थीं, जो थाना तेलीबांधा, कोतवाली और देवेन्द्र नगर में पंजीकृत की गई थीं। उच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना और अमित बघेल को जमानत देते हुए यह शर्त लगाई कि वे 3 महीने की अवधि के दौरान रायपुर जिले की भौगोलिक सीमा के भीतर निवास नहीं करेंगे। केवल अधीनस्थ न्यायालय में निर्धारित तारीखों पर उपस्थिति के लिए ही जिले में प्रवेश की अनुमति होगी। अमित बघेल की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पैरवी की, जबकि आपत्ति पक्ष से सुनील ओटवानी और राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने अपना पक्ष रखा। मामले का मूल घटनाक्रम 26 अक्टूबर 2025 का है, जब वीआईपी चौक स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को एक मानसिक रूप से बीमार और नशे में व्यक्ति ने तोड़ दिया था। घटना के अगले दिन अमित बघेल मौके पर पहुंचे और वहां हंगामा करने लगे। इस दौरान उनके समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी हुई। घटना के बाद छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को पुनः स्थापित किया गया। इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान अमित बघेल द्वारा अग्रवाल और सिंधी समाज के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण कई जिलों और राज्यों में समाज के लोगों ने विरोध जताया और संबंधित एफआईआर दर्ज कराई। विशेष रूप से सिंधी समाज के पदाधिकारियों ने रायपुर कोतवाली में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। सत्यप्रकाश(ईएमएस)09 अप्रैल 2026