रायपुर (ईएमएस)। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं साहिकाओं को गुणवत्ताहीन, छोटी एवं घटिया क्वालिटी के साड़ी देने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग तो भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का अड्डा बन गया है। अब तो भ्रष्टाचार की हद पार हो गई, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को 5 मीटर से भी कम लंबाई और चौड़ाई एवं घाटिया साड़ियां महिला एवं बाल विकास विभाग में वितरण किया गया है। साड़ियों के लंबाई और चौड़ाई में कम होने के कारण महिलाएं साड़ी का उपयोग नहीं कर पा रही है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में एक महिला मंत्री के होते हुए महिलाओं के साथ उनके अधिकार पर डाका डाला जा रहा है और महिला मंत्री कमीशन-कमीशन खेल रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग में यह पहली बार नहीं हुआ है इससे पहले भी कई भ्रष्टाचार सामने आए हैं जिसमें आंगनबाड़ी केंद्रों में 40 करोड़ से अधिक की पोषण सामग्री खरीद में अनियमितता, सामूहिक कन्या विवाह योजना में बिना टेंडर वर्क आर्डर और प्रदेश के लगभग 2899 आंगनबाड़ी केंद्रों में 16 करोड़ की लागत से टीवी और आरओ यूनिट की खरीद में नियमों की अनदेखी की गई है, इसमें केंद्रीकृत टेंडर के बजाय टुकड़ों में खरीद कर भ्रष्टाचार किया गया है। सुचिता योजना के तहत सेनेटरी पैड पर भ्रष्टाचार। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी के कार्यकर्ता और सहायिकाओं को जो घटिया गुणवत्ताहीन साड़ियां बांटी गई है, वह साड़ियां महिला एवं बाल विकास विभाग वापस ले और साथ ही आंगनवाड़ी के बहनों को अच्छी क्वालिटी का साड़ी प्रदान करें। 1.94 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए जो साड़ी खरीदी गई थी वह साड़ी महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री को दें और साथ ही भाजपा के महिला कार्यकर्ताओं को बांट दें। महिला एवं बाल विकास विभाग में बार-बार ऐसा भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी का खेल आने के बावजूद भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं करके उनके मनोबल को बढ़ाने का काम सरकार कर रही है। या कहें भाजपा के सरकार भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है जिसका खामियाजा गरीब एवं आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/09 अप्रैल 2026