:: रीज़नल क्वालीफायर में अंडर-15 बालक-बालिका और अंडर-19 बालिका वर्ग में जीते स्वर्ण पदक :: शिमला (ईएमएस)। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर में भारतीय टेबल टेनिस का स्वर्णिम अध्याय लिखा गया। आईटीटीएफ-एटीटीयू एशियाई युवा टेबल टेनिस चैंपियनशिप के रीज़नल क्वालीफायर में मेजबान भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए। भारत ने अंडर-19 बालिका वर्ग के साथ-साथ अंडर-15 बालक और बालिका वर्ग में भी खिताबी जीत हासिल की। अंडर-19 बालक वर्ग का स्वर्ण पदक बांग्लादेश के खाते में गया, जहाँ भारत ने पहले ही क्वालीफाई कर लेने के कारण अपनी टीम नहीं उतारी थी। प्रतियोगिता के अगले चरण में शुक्रवार से व्यक्तिगत और युगल मुकाबले शुरू होंगे। भारतीय अंडर-19 बालिका टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा और एक भी मैच गंवाए बिना स्वर्ण पदक जीता। गुरुवार को राउंड-रॉबिन के अंतिम मुकाबलों में भारत ने नेपाल और बांग्लादेश को एकतरफा 3-0 के अंतर से परास्त किया। नेपाल के खिलाफ जेनिफर वर्गीस ने बिनाका राय को 11-8, 11-3, 11-8 से मात दी, जबकि अनन्या मुरलीधरन ने इवाना थापा को 11-6, 11-6, 11-7 से और दित्सा रॉय ने योंगगी पौडेल को 11-4, 11-8, 4-11, 11-4 से हराकर भारत की जीत सुनिश्चित की। बांग्लादेश के विरुद्ध भी दित्सा रॉय, प्रिशा गोयल और अनन्या ने अपने मुकाबले सीधे सेटों में जीतकर टीम को शीर्ष स्थान दिलाया। :अंडर-15 आयु वर्ग में भारतीय जूनियर खिलाड़ियों ने विपक्षी टीमों को टिकने का कोई मौका नहीं दिया। बालक वर्ग में भारत ने बांग्लादेश को 3-0 से धूल चटाई, जिसमें अक्षय किरीकारा ने शाहीन मोहम्मद को 11-8, 11-2, 11-6 से और आदित्य दास ने मिदुल मोहम्मद को 11-4, 13-11, 11-4 से हराया। आकाश राजवेलु ने तमजीद पोरोश के खिलाफ 11-9, 8-11, 11-3, 11-4 से संघर्षपूर्ण जीत दर्ज की। बालिका वर्ग में भी भारत ने श्रीलंका और बांग्लादेश को 3-0 से हराया। श्रीलंका के खिलाफ तनिष्का कालभैरव ने चानू करियावासम को 11-7, 11-4, 11-7 से, अंकोलिका चक्रवर्ती ने मुथुली को 11-1, 11-3, 11-6 से और श्रीजनी चक्रवर्ती ने सित्मा को 11-4, 11-9, 11-8 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाला। :: औसत के आधार पर बांग्लादेश को मिला बालक वर्ग स्वर्ण पदक :: अंडर-19 बालक वर्ग में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। लीग चरण की समाप्ति पर बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल तीनों का रिकॉर्ड 2 जीत और 1 हार के साथ समान रहा। अंततः बेहतर सेट औसत के आधार पर बांग्लादेश को स्वर्ण पदक के लिए चुना गया, जबकि श्रीलंका को रजत पदक मिला। नेपाल और मालदीव ने संयुक्त रूप से कांस्य पदक हासिल किया। भारतीय टीम अब शुक्रवार से शुरू होने वाले व्यक्तिगत (सिंगल्स) और युगल (डबल्स) मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगी। प्रकाश/09 अप्रैल 2026