अंतर्राष्ट्रीय
09-Apr-2026


ईरान बोला- अमेरिका ने सीजफायर की 3 शर्तें तोड़ीं...अब बातचीत बेकार, ट्रम्प बोले- समझौते तक ईरान के आसपास आर्मी तैनात रहेगी धोखे वाली मध्यस्थता...सीजफायर पर संशय -अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस का दावा...ईरान के 10 सूत्रीय एजेंडे के पहले ड्राफ्ट को चैटजीपीटी से लिखा गया - ईरान ने पाक में अमेरिका के साथ बातचीत से पहले यूरेनियम एनरिचमेंट पर खींची रेड लाइन तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन(ईएमएस)। मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग में 40 दिन बाद जैस-तैसे सीजफायर हुआ है, लेकिनलेबनान पर इजराइली हमले ने ईरान और अमेरिका के सीजफायर को 24 घंटे में ही संकट में डाल दिया है। ईरान ने सरेआम धमकी दी है कि अगर लेबनान पर हमला जारी रहता है, तो हम युद्ध विराम समझौते पर कोई बात नहीं करेंगे। ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर की तीन अहम शर्तें तोडऩे का आरोप लगाया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ने 10-पॉइंट प्रस्ताव की बुनियादी शर्तों का उल्लंघन किया है। ईरान ने साफ कहा है कि जिस आधार पर बातचीत होनी थी, वही पहले ही टूट चुका है। ऐसे में अब बातचीत या सीजफायर तर्कसंगत नहीं रह गया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि जब तक ईरान के साथ हुआ समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना ईरान के आसपास तैनात रहेगी। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर चेतावनी दी कि अगर समझौते का पालन नहीं हुआ, तो फिर से गोलीबारी शुरू होगी, जो पहले से ज्यादा बड़ी, ताकतवर और विनाशकारी होगी। हालांकि उन्होंने कहा कि इसकी संभावना बेहद कम है, लेकिन अमेरिका पूरी तरह तैयार है। ईरान का कहना है कि सीजफायर की शर्तों में लेबनान पर भी हमला रोकना शामिल है। ईरान के विदेश मंत्री ने इसके लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के उस ड्राफ्ट को क्वोट किया, जो अमेरिका से बनकर आया था। सीजफायर की शर्तों में लेबनान पर हमला न करना भी शामिल था। इसके बावजूद इजराइल ने उस पर हमला किया। इसके पीछे 2 कारण बताए जा रहे हैं। पहला, इजराइल ने लेबनान पर हमले के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को आश्वस्त कर लिया। अमेरिकी आउटलेट एक्सियोस के मुताबिक ट्रंप ने जब समझौते की जानकारी देने के लिए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन लगाया तो नेतन्याहू ने लेबनान पर हमला जारी रखने की बात कही। इस पर ट्रंप ने कहा कि इसे रख सकते हैं। दूसरी बड़ी वजह हिजबुल्लाह को पूरी तरह खत्म करने का प्रयास है। अल-जजीरा के मुताबिक 2024 में इजराइली हमले से कमजोर हिजबुल्लाह फिर से तनकर मैदान में खड़ा हो रहा था, जिसे इजराइल के लिए बड़ा माना जाता है। इजराइल किसी भी सूरत में हिजबुल्लाह को खत्म करना चाहता है। अमेरिका ने किए तीन शर्तों का उल्लंघन अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग में सीजफायर के बाद ईरानी परमाणु एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने बड़ा बयान दिया है। इस्लामी ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी युद्धविराम की बातचीत के लिए ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार की रक्षा करना जरुरी है। इस्लामी ने ईरान की 10 सूत्रीय स्थायी युद्धविराम योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका इस प्रस्ताव के तीन मुख्य बिंदुओं का पहले ही उल्लंघन कर चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका का ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को स्वीकार करने से इनकार करना 10-सूत्रीय प्रस्ताव के छठे बिंदु का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने तीन प्रमुख उल्लंघनों का हवाला देते हुए कहा कि लेबनान में संघर्ष-विराम से संबंधित पहले बिंदु का पालन न करना, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इसे तत्काल लागू होने वाला बताया था। ईरान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठिए ड्रोन का प्रवेश, जिसे फार्स प्रांत के लार शहर के पास नष्ट किया गया। ईरान के संवर्धन अधिकार से इनकार। इस्लामी ने चेतावनी दी कि इन उल्लंघनों के बावजूद बातचीत के लिए व्यावहारिक आधार को नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में द्विपक्षीय संघर्ष-विराम या वार्ता करना तर्कसंगत नहीं है। बता दें अमेरिका और ईरान इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में महत्वपूर्ण वार्ता के लिए मिलने वाले हैं। सीजफायर और जंग साथ नहीं चल सकते इजराइली सेना ने बुधवार को लेबनान में सैकड़ों मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 254 लोगों की मौत हो गई। लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, इस एयर स्ट्राइक में कम से कम 1,165 लोग घायल हुए। इसके बाद देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। हमले बेरूत, बेक्का वैली, माउंट लेबनान, सैदोन और दक्षिण लेबनान के कई गांवों में किए गए। यह हमला उसी दिन हुआ, जब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया गया था। इजराइली सेना ने कहा कि यह हमला 2 मार्च से शुरू किए गए उनके नए सैन्य ऑपरेशन के बाद लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला था। सेना के मुताबिक, इसमें हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान अमेरिका-ईरान सीजफायर का हिस्सा नहीं है। वहीं, मध्यस्थ पाकिस्तान का कहना है कि इस सीजफायर में लेबनान भी शामिल है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि लेबनान इस समझौते से अलग है और इसका हिस्सा नहीं है। लेबनान में एक दिन में 254 मौतें इजराइली सेना ने बुधवार को लेबनान में सैकड़ों मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 254 लोगों की मौत हो गई। लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, इस एयर स्ट्राइक में कम से कम 1,165 लोग घायल हुए। इसके बाद देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। हमले बेरूत, बेक्का वैली, माउंट लेबनान, सैदोन और दक्षिण लेबनान के कई गांवों में किए गए। यह हमला उसी दिन हुआ, जब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया गया था। इजराइली सेना ने कहा कि यह हमला 2 मार्च से शुरू किए गए उनके नए सैन्य ऑपरेशन के बाद लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला था। सेना के मुताबिक, इसमें हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान अमेरिका-ईरान सीजफायर का हिस्सा नहीं है। वहीं, मध्यस्थ पाकिस्तान का कहना है कि इस सीजफायर में लेबनान भी शामिल है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि लेबनान इस समझौते से अलग है और इसका हिस्सा नहीं है। आज होगी ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद आमंत्रित किया है ताकि विवादों के समाधान के लिए आगे की बातचीत की जा सके। पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघदम ने ‘एक्स’ पर कहा कि इजरायल की सरकार द्वारा बार-बार युद्ध-विराम उल्लंघन और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से आमंत्रित कूटनीतिक पहल को विफल करने के प्रयासों के बावजूद, ईरानी प्रतिनिधिमंडल आज रात इस्लामाबाद पहुंच रहा है और ईरान के 10 बिंदुओं के प्रस्ताव के आधार पर गंभीर वार्ता करेगा। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भी इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना है, हालांकि उनके आगमन का समय घोषित नहीं किया गया है। वार्ता के लिए केवल शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया है। उप राष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। विनोद उपाध्याय / 09 अप्रैल, 2026