गहरे गड्ढे में फिसलने से हादसा, तीसरी बच्ची ने दी सूचना मछुआरों की मदद से निकाले गए शव, जांच में जुटी पुलिस बालाघाट (ईएमएस). जिले के बहेगांव में गुरुवार का दिन मातम में बदल गया, जब खेलते-खेलते बगदेही तालाब किनारे पहुंची दो मासूम बच्चियां हमेशा के लिए खामोश हो गईं। मासूम हंसी की जगह अब गांव में चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर आंख नम है। इस घटना से दो घरों की खुशियां उजड़ गई। घटना के बाद मछुआरों की सहायता से दोनों शव बाहर निकाले गए। लालबर्रा थाना पुलिस ने पंचनामा कार्यवाही की। लालबर्रा स्वास्थ्य केंद्र में शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया। वहीं मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है। गुरुवार की देर शाम गमगीन माहौल में दोनों बच्चियों का गांव में अंतिम संस्कार किया गया। जानकारी के अनुसार लालबर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बहेगांव स्थित मोक्षधाम के पास बगदेही तालाब ने गुरुवार दोपहर करीब एक बजे दो नन्हीं जिंदगियों को अपने आगोश में समा लिया। 10 वर्षीय प्रतिभा पिता प्रकाश यादव और 12 वर्षीय प्रिंसी पिता इंदल यादव की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मासूम प्रतिभा और प्रिंसी गांव की ही 5 वर्षीय जानवी यादव के साथ तालाब की ओर गई थीं। किसी को क्या पता था कि यह उनका आखिरी साथ होगा। तालाब किनारे बने गहरे गड्ढे ने पलभर में खेलती-कूदती जिंदगी को मौत में बदल दिया। पैर फिसलते ही दोनों बच्चियां गहरे पानी में जा गिरीं और देखते ही देखते पानी में समा गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। मामले की जांच जारी है। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे बहेगांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाबों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में कोई और मासूम इस तरह काल के गाल में न समाए। जानवी की सूचना पर पहुंचे ग्रामीण नन्हीं जानवी किसी तरह भागते हुए गांव पहुंची। उसकी डरी-सहमी आवाज ने पूरे गांव को झकझोर दिया। ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे, मछुआरों की मदद से तालाब में खोजबीन की गई, लेकिन जब तक दोनों बच्चियों को बाहर निकाला गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गांव में जैसे ही यह खबर पहुंची, हर घर से चीखें सुनाई देने लगीं। प्रिंसी और प्रतिभा के घरों में मातम का ऐसा मंजर था जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। दोनों बच्चियों के पिता करते हैं मजदूरी प्रिंसी यादव, जो अपने माता-पिता के नागपुर में मजदूरी करने जाने के कारण दादी के साथ रह रही थी, अपने परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। वहीं प्रतिभा यादव भी अपने परिवार की बड़ी संतान थी। दोनों ने हाल ही में अपनी परीक्षाएं दी थीं—प्रिंसी ने कक्षा 6 वीं और प्रतिभा ने कक्षा 4 वीं। उनके सपनों को अभी उड़ान भी नहीं मिली थी कि किस्मत ने उन्हें छीन लिया। दोनों परिवार मजदूरी कर किसी तरह जीवन यापन कर रहे थे। अब उनके घरों में बच्चों की किलकारियों की जगह सन्नाटा पसरा है। गांव में शोक की लहर इस घटना के बाद गांव के शोक की लहर है। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, वैसे ही प्रत्येक ग्रामीणों की आंखे नम थी। गुरुवार की देर शाम गमगीन माहैल में स्थानीय मोक्षधाम में दोनों बच्चियों का अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना से दोनों ही परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। भानेश साकुरे / 09 अप्रैल 2026