क्षेत्रीय
10-Apr-2026


बिलासपुर (ईएमएस)। टिकरापारा स्थित ब्रह्माकुमारीज के प्रभु दर्शन भवन में आयोजित आठ दिवसीय गीता सप्ताह के चौथे दिन ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा दीदी ने आत्मानुभूति और सात गुणों पर सारगर्भित चर्चा की। यह सत्र दिवंगत सुशील भाई सगदेव की पावन स्मृति को समर्पित रहा। ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा दीदी ने गीता को आत्मा को सशक्त बनाने वाला दिव्य आहार बताया। उन्होंने आत्मा के वास्तविक स्वरूप और उसके मौलिक गुणों पर गहन एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रकाश डाला। दीदी ने समझाया कि जिस प्रकार शरीर के लिए पाँच तत्व आवश्यक हैं, उसी प्रकार आत्मा के संतुलित व सुखी जीवन के लिए सुख, शांति, प्रेम, आनंद, ज्ञान, शक्ति और पवित्रता जैसे सात दिव्य गुण अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि ये गुण आत्मा की आंतरिक आवश्यकताएं हैं, जिन्हें राजयोग और परमात्म ज्ञान से प्राप्त किया जा सकता है। दीदी ने मैं अर्थात आत्मा को शरीर से भिन्न, अजर, अमर और अविनाशी बताया। उन्होंने मिरर एक्सरसाइज का अभ्यास कराया और प्रतिदिन आत्मचिंतन व परमात्म स्मृति में समय बिताने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ध्यान के साथ हुआ, जिसमें दिवंगत सुशील भाई की आत्मा की शांति के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। मनोज राज 10 अप्रैल 2026