राष्ट्रीय
11-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। कॉलेज और ऑफिस से छुट्टियां मिलते ही लोग हिमाचल-उत्तराखंड की तरफ निकल जाते हैं, मनाली-नैनीताल मानों हर समय ही बाहरी लोगों से ही भरा रहता है। लेकिन अगर आप मनाली-शिमाल और मसूरी जाकर बोर हो गए हैं और अब कुछ नया और अनोखा देखना चाहते हैं, तब आपके लिए नॉर्थ-ईस्ट इंडिया बेस्ट टूरिस्ट पैलेंस साबित हो सकता है। भारत के उत्तर-पूर्वी प्रदेश अपनी अनछुई प्राकृतिक खूबसूरती, शांति और अलग संस्कृति के लिए जाना जाता है। अगर आप भीड़-भाड़ से दूर सुकून भरी छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तब यह इलाके आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां की हरियाली, झरने, पहाड़ और झीलें दिल को सुकून देती हैं और आपको एक अलग दुनिया में ले जाती हैं। अरुणाचल प्रदेश का तवांग अपने बर्फ से ढके पहाड़ों और खूबसूरत मठों के लिए मशहूर है। यहां का तवांग मठ एशिया के सबसे बड़े मठों में से एक है और ठंडी हवाएं और शांत माहौल मेडिटेशन और रिलैक्सेशन के लिए सही बनाते हैं। अगर आप ऑफिस की चिकचिक से दूर कहीं सुकून भरे दिन बिताना चाहते हैं, तब आप तवांग का प्लान बना सकते हैं। मेघालय की उमंगोट नदी इतनी साफ है कि नाव हवा में तैरती हुई लगती है। दावकी गांव में स्थित यह नदी सोशल मीडिया पर काफी वायरल रहती है, यहां बोटिंग का अनुभव आपको जिंदगी भर याद रहेगा। ऋषिकेष में आपने भीड़ में काफी बोटिंग की हो, मगर उमंगोट नदी का दिल छू लेने वाला नजारा आपके दिल को खुश कर देगा। असम का सबसे ज्यादा चर्चित काजीरंगा नेशनल पार्क भी आप अपनी सूची में शुमार कर सकते हैं, जहां एक सींग वाले गैंडे के लिए दुनियाभर में मशहूर है। यहां आप जीप सफारी का मजा ले सकते हैं और कई दुर्लभ जानवरों को करीब से देख सकते हैं। यह एडवेंचर और नेचर का बेहतरीन कॉम्बिनेशन है, जहां आप अपनी फैमिली और बच्चों के साथ एक अच्छा समय बिता सकते हैं। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली का नाम शुमार है। यहां के हरे-भरे खेत, पहाड़ और जनजातीय संस्कृति और भी ज्यादा स्पेशल बनाती है। यह जगह नेचर लवर्स के लिए एकदम परफेक्ट है, जहां आप सुकून के साथ नेचर को करीब से महसूस कर सकते हैं। मेघालय के चेरापूंजी के लिविंग रूट ब्रिज पेड़ों की जड़ों से बने अद्भुत पुल हैं, जो प्रकृति और इंसान के बेहतरीन तालमेल को दिखाते हैं। हर कदम पर हरियाली का अहसास होता है, इन पर चलना किसी एडवेंचर से कम नहीं और यह अनुभव हमेशा यादगार बन जाता है। आशीष/ईएमएस 11 अप्रैल 2026