राष्ट्रीय
11-Apr-2026


प्रदेश में 16 विधानसभाएं ऐसी हैं जहां पर एक लाख से ज्यादा वोट घटे लखनऊ,(ईएमएस)। उत्‍तर प्रदेश में एसआईआर को लेकर सियासी चर्चाओं और आरोपों का रुख विपक्ष की चिंता बढ़ा रहा है, लेकिन एसआईआर के बाद फाइनल मतदाता सूची सत्‍तारूढ़ बीजेपी का संघर्ष बढ़ाती नजर आ रही है, जिन सीटों पर बीजेपी काबिज है, वहां वोट भी ज्यादा कम हुए हैं। सपा की अगुआई वाली सीटों पर वोट कम कटे हैं। किसे इसका फायदा होगा और किसे इसका नुकसान, इसका आकलन तो चुनाव में ही नजर आएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी की राजनीतिक यात्रा की ध्वजवाहक रही अयोध्या विधानसभा सीट 2022 में बीजेपी ने 20 हजार से कम अंतर से जीती थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में यह अंतर घटकर 4,600 रह गया था। इस सीट पर ही 20फीसदी यानी 80 हजार से ज्यादा वोट कट गए हैं। इसी तरह लखनऊ कैंट से डिप्‍टी सीएम ब्रजेश पाठक को 2022 में 39 हजार वोटों से जीत मिली थी, जबकि यहां एसआईआर के बाद 1.24 लाख वोट कम हो गए है जो कुल वोटरों का 33फीसदी है। प्रदेश में 16 विधानसभाएं ऐसी हैं जहां पर एक लाख से ज्यादा वोट कम हुए हैं। इसमें 15 बीजेपी के खाते में है। केवल लखनऊ पश्चिम इकलौती सीट है जो सपा के खाते में है और वहां 1.07 लाख वोट कटे हैं। सीटवार आंकडों पर नजर डालें तो जिन सीटों पर 18फीसदी से 34फीसदी तक गिरावट हुई है, उनमें अधिकतर सीटें बीजेपी व उसके सहयोगियों के खाते में हैं। वहीं सपा के खाते वाली अधिकतर सीटें वे हैं जहां से 15फीसदी वोट कटे हैं। सपा की चुनिंदा सीटे ही हैं जहां वोटों में कटौती 20फीसदी से ज्यादा हैं। नजीर के तौर पर 159 विधानसभाएं ऐसी हैं नहीं 30 से 50 हजार से ज्यादा वोट कटे हैं। इसमें से तिहाई सीटें बीजेपी और उसके सहयोगियों की हैं। दायरे में सपा की 50 से कम सीटें है, जिन विधानसभा क्षेत्रों में 50 से 80 हजार तक वोट कटे हैं उसमें 18 सीटें सपा की हैं जबकि 55 से ज्यादा सीटें बीजेपी के खाते में हैं, जिन 21 सीटों पर 80 हजार से 1 लाख के बीच वोट कटे हैं, 2022 में इनमें 19 बीजेपी व सहयोगियों के हिस्से आई थी। वोटों में सबसे ज्यादा गिरावट शहरी सीटों पर हुई है। इसमें भी महानगरों और खासकर वेस्‍ट यूपी में एनसीआर में स्थित विधानसभाओं में इसका असर ज्यादा दिखा है। इसके बाद अर्धशहरी और कस्‍बाई सीटों पर वोटों में भारी गिरावट देखने को मिली। इसमें अधिकतर सीटें बीजेपी की हैं, इसलिए, उसके अगुआई वाले क्षेत्रों में गिरावट भी दिख रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में शहरों की अपेक्षा वोट कम कटे हैं। सिराज/ईएमएस 11अप्रैल26 ---------------------------------