राष्ट्रीय
11-Apr-2026


सफाई के बाद पता चलेगा सिक्के किस शासक के शासन काल के हैं नई दिल्ली,(ईएमएस)। राजस्थान के झुंझुनू जिले की खेतड़ी तहसील के ट्योंदा गांव में पुरातत्व विभाग की खुदाई में एक ऐसी खोज की है, जो मध्यकालीन भारत के आर्थिक और धार्मिक इतिहास को नई दिशा दे सकती है। यहां खुदाई में न केवल तांबे के प्राचीन सिक्के मिले हैं, बल्कि एक मंदिर के अवशेष भी मिले हैं, जिनके एक हजार साल से भी अधिक पुराने होने का अनुमान है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह खोज जनवरी में शुरू की गई खुदाई का हिस्सा है। सिक्के ठीक उसी स्थान से मिले हैं जहां मंदिर के अवशेष मिले हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर सर्किल के अधीक्षक ने बताया कि जमीन की सतह के काफी नीचे दबे ये सिक्के रेत छानने के दौरान मिले। यह खोज इस बात का पुख्ता संकेत है कि एक हजार साल पहले यह इलाका न केवल एक बड़ा धार्मिक केंद्र था, बल्कि आर्थिक गतिविधियों का भी केंद्र रहा होगा। ऐसा माना जा रहा है कि ये तांबे के सिक्के 10वीं से 11वीं शताब्दी के बीच के हैं। उदयपुर के मीरा गर्ल्स कॉलेज में इतिहास विभाग के प्रमुख के मुताबिक उस दौर में यह इलाका राजपूत शासकों के अधीन एक व्यस्त व्यापारिक नेटवर्क का हिस्सा था। सिक्कों का मिलना यह दर्शाता है कि उस समय मंदिरों के पास बड़े बाजार या व्यापारिक चौकियां रही होंगी। फिलहाल ये सिक्के काफी नाजुक और खराब हालत में हैं। पूर्व मुद्राशास्त्री ज़फरुल्लाह खान ने बताया कि इन सिक्कों की सही पहचान के लिए इनकी जटिल वैज्ञानिक सफाई की जाएगी। पहले मशीनों से सफाई की जाएगी, फिर रासायनिक उपचार से धातु को स्थिर किया जाएगा। सिक्कों पर जमी जंग की परतों को हटाने के लिए इलेक्ट्रोकेमिकल विधियों का इस्तेमाल होगा, ताकि उन पर लिखी इबारतों या राजाओं के निशानों को कोई नुकसान न पहुंचे। सफाई के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ये सिक्के किस शासक के शासन काल के हैं और इनकी मुद्रा प्रणाली क्या थी। जानकारी के मुताबिक खुदाई पूरी हो चुकी है। सितंबर महीने में दूसरे चरण की खुदाई शुरू होगी। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि अगले चरण में कुछ और अहम शिलालेख या मूर्तियां मिल सकती हैं, जो राजस्थान के गौरवशाली मध्यकालीन इतिहास पर नई रोशनी डालेंगी। सिराज/ईएमएस 11अप्रैल26