वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच शांतिवार्ता इस्लामाबाद में हो रही है। दोनों देशों के बीच नाजुक स्थिति बनी हुई है। इस बीच, अमेरिकी अरबपति निवेशक रे डेलियो ने कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि विश्व की व्यवस्था दाव पर है और संघर्ष का आखिरी परिणाम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भर करेगा। उन्होंने तर्क दिया कि दोनों पक्षों ने जीत का दावा कर रहे है और बातचीत में शामिल होने के बावजूद, असली आखिरी लड़ाई अभी बाकी है। उन्होंने लिखा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि होर्मुज पर किसका कंट्रोल है। उन्होंने होर्मुज को एक नया निर्णायक फैक्टर बताकर कहा कि यह ग्लोबल पॉवर बैलेंस, फाइनेंस मार्केट और मौजूदा वर्ल्ड ऑर्डर को नया आकार दे सकता है। डेलियो ने ट्रंप पर सीधा फोकस कर तर्क दिया कि होर्मुज के माध्यम से बिना रुकावट आवागमन तय करने की क्षमता ही तय करेगी कि अमेरिका को ग्लोबल लीडर के तौर पर देखा जाएगा या एक पतन होने वाली शक्ति के तौर पर देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका होर्मुज पर कंट्रोल नहीं कर पाता है, तब अमेरिका को हारा हुआ माना जाएगा। डेलियो ने कहा कि सहयोगी नेवी के सपोर्ट के साथ होर्मुज को सुरक्षित करने के लिए अमेरिका के लीडरशिप में किया निर्णायक प्रयास अमेरिकी शक्ति में विश्वास को मजबूत कर सकता है, बाजारों को स्थिर कर सकता है और ग्लोबल लीडर की पुष्टि कर सकता है। डेलियो ने कहा कि यह एक धैर्य की लड़ाई है और ईरान की रणनीति संघर्ष को लंबा खींचने पर आधारित हो सकती है, और वह लंबे, खर्चीले युद्धों के प्रति अमेरिकी जनता की सीमित सहनशीलता पर दांव लगा रहा है, जो वियतनाम, इराक और अफगानिस्तान में हुए पिछले संघर्षों की याद दिलाता है। डेलियो ने किसी स्थायी समझौते की संभावना को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि कोई भी समझौता युद्ध का समाधान नहीं करेगा और भविष्यवाणी की कि संघर्ष का सबसे भीषण समय अंतिम युद्ध अभी आना बाकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि तेल सप्लाई और ग्लोबल आपूर्ति के लिए खतरों सहित तनाव बढ़ने का जोखिम अभी भी अधिक है। खासकर अगर होर्मुज के आसपास सैन्य टकराव तेज होता है। आशीष दुबे / 11 अप्रैल 2026