राष्ट्रीय
11-Apr-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित सीजफायर को लेकर चल रही चर्चाओं में पाकिस्तान की भूमिका पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सक्रियता उसकी मजबूरी है और भारत इस तरह की किसी प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं बन सकता। मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेता थरूर ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले में अमेरिका के इशारों पर काम कर रहा है और उसकी अपनी स्वतंत्र भूमिका बहुत सीमित है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के बयानों और रुख में वॉशिंगटन की झलक साफ दिखाई देती है। थरूर ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के एक कथित ट्वीट में ‘ड्राफ्ट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि वह भाषा और सोच अमेरिकी प्रभाव से संचालित है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत में इस तरह की स्थिति संभव है, जहां किसी प्रधानमंत्री के लिए लिखे गए संदेश को इस तरह प्रस्तुत किया जाए। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया संकट में भारत की भूमिका संतुलित और स्वतंत्र है, जबकि पाकिस्तान का दृष्टिकोण उसके भौगोलिक और सामाजिक कारकों से प्रभावित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान की परिस्थितियां पूरी तरह अलग हैं और दोनों की प्राथमिकताएं भी भिन्न हैं। थरूर के अनुसार, पाकिस्तान को सबसे बड़ा डर संभावित शरणार्थी संकट का है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ईरान के साथ लंबी सीमा है और वहां बड़ी संख्या में शिया आबादी रहती है। ऐसे में यदि हालात बिगड़ते हैं, तो बड़ी संख्या में ईरानी शरणार्थी पाकिस्तान की ओर रुख कर सकते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ईरान को “स्टोन एज” में भेजने तक की चेतावनी दी थी, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था। थरूर ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका उसकी भौगोलिक स्थिति और आंतरिक परिस्थितियों से तय हो रही है, जबकि भारत का रुख अधिक संतुलित और रणनीतिक है। हिदायत/ईएमएस 11अप्रैल26