लेख
12-Apr-2026
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अब भारतीय समाज में दांपत्य जीवन असुरक्षित हो चला है। पति पत्नी के बीच विश्वास प्रेम और सात जन्मों तक साथ निभाने के वादे कमजोर पड़ रहे हैं। आए दिन पति पत्नी एक दूसरे के खून से हाथ रंग रहे हैं। आपको इसी सप्ताह की दो वारदातों के मार्फत पति-पत्नी के बीच हिंसक वारदातों से अवगत कराने का प्रयास करते हैं पहली वारदात जयपुर में सामने आइ है बैंक मैनेजर पति से मिलने के लिए अर्चना अक्सर टैक्सी से जयपुर जाया करती थी, लेकिन यही सफर उसकी जिंदगी बदल गया. टैक्सी ड्राइवर से बातचीत धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. एक दिन पति उसी ड्राइवर की गाड़ी में था, जब उसने दोनों की बातचीत सुन ली. जिसमें उसे रास्ते से हटाने की बात हो रही थी. यहीं से खुला पूरा मामला और पुलिस तक पहुंची कहानी. अलवर की यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. एक सामान्य टैक्सी का सफर, ड्राइवर से कुछ बातचीत, फिर बढ़ती नजदीकियां. इस बाद पूरा मामला दोनों की गिरफ्तारी तक पहुंच जाता है. कहानी की शुरुआत होती है अर्चना अरोड़ा से, जो एक बैंक मैनेजर कर्णव खत्री की पत्नी है. पति जयपुर में नौकरी करता था, इसलिए अर्चना का वहां आना-जाना लगा रहता था. सफर के लिए टैक्सी लेना रोजमर्रा की बात थी लेकिन एक दिन यही सफर उसकी जिंदगी का मोड़ बन गया. सफर के दौरान उसकी मुलाकात हुई टैक्सी ड्राइवर ऋषभ शर्मा से. शुरुआत में कितनी दूरी है, कितना समय लगेगा जैसी बात होती थी, लेकिन धीरे-धीरे बातचीत का दायरा बढ़ता गया. फोन नंबर शेयर हुए, फिर कॉल्स शुरू हुईं और देखते ही देखते यह रिश्ता एक अलग दिशा में बढ़ गया. अब हालात ये थे कि दोनों के बीच बातचीत सिर्फ कभी-कभार नहीं, बल्कि रोज की आदत बन चुकी थी. घंटों फोन पर बात होती और धीरे-धीरे यह रिश्ता इतना गहरा हो गया कि दोनों ने एक-दूसरे के बिना सोचना भी मुश्किल कर दिया. एक दिन कर्णव खत्री (अर्चना के पति) जयपुर से अलवर लौट रहे थे. संयोग से टैक्सी वही थी और ड्राइवर भी वही ऋषभ था. कर्णव पीछे की सीट पर बैठे और कुछ देर बाद सो गए. ऋषभ को लगा कि वह गहरी नींद में हैं. उसने तुरंत फोन मिलाया अर्चना को. फोन पर बातचीत शुरू हुई और जो बातें हुईं, उन्होंने इस कहानी को पूरी तरह बदल दिया. ऋषभ ने कहा कि तुम्हारा पति मेरे साथ ही गाड़ी में है… अगर कहो तो आज ही इसे रास्ते से हटा दूं. पीछे की सीट पर लेटे कर्णव की आंखें खुल चुकी थीं.उन्होंने बिना कुछ बोले पूरी बातचीत अपने फोन में रिकॉर्ड कर ली. एक रिकॉर्डिंग ने कर्णव के शक को यकीन में बदल दिया. उन्होंने चुपचाप और सबूत जुटाने शुरू किए. कॉल डिटेल, बातचीत, फोन रिकॉर्डिंग सब कुछ धीरे-धीरे सामने आने लगा. अब साफ हो चुका था कि यह सिर्फ जान-पहचान नहीं, बल्कि गहरा रिश्ता है. जब कर्णव ने अर्चना से इस बारे में बात की, तो मामला संभलने के बजाय और बिगड़ गया. बातचीत बहस में बदली और बहस विवाद में. रिश्ता अब उस मोड़ पर पहुंच चुका था, जहां से लौटना आसान नहीं था. कुछ समय बाद मामला तलाक तक पहुंच गया. इसी बीच अर्चना की तरफ से 50 लाख रुपये की मांग की बात सामने आई. कर्णव ने इनकार किया, तो दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया. एक दिन अचानक अर्चना घर छोड़कर चली गई. पुलिस के मुताबिक, वह अपने साथ नकदी और जेवरात भी ले गई और बाद में अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई. घर, परिवार, बच्चे सब पीछे छूट गया. मार्च 2026 में कर्णव ने आखिरकार पुलिस का दरवाजा खटखटाया. शिकायत दर्ज हुई, जांच शुरू हुई, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला. करीब एक महीने बाद अचानक अर्चना और ऋषभ खुद ही अलवर के एसपी ऑफिस पहुंच गए. जैसे ही पुलिस को जानकारी मिली, दोनों को वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया. अदालत में पेशी हुई महिला को जेल भेजा गया और आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू हुई. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में कई पहलुओं की जांच की जा रही है. रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. दूसरी वारदात मध्य प्रदेश के धार जिले से सामने आया है। यह मामला जितना सनसनीखेज है, उतना ही चौंकाने वाला भी. यहां एक पत्नी ने पहले तो अपने पति की हत्या की साजिश रची, फिर उसी हत्या को छुपाने के लिए ऐसा नाटक किया कि शुरुआती दौर में हर किसी को उस पर भरोसा हो गया. रो-रोकर उसने ऐसी कहानी सुनाई कि लगा जैसे वह खुद किसी भयावह हादसे की शिकार है. लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने परतें खोलीं, सच्चाई बिल्कुल उलट निकली और वही पत्नी इस पूरे हत्याकांड की मास्टरमाइंड निकली.शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रात के समय कुछ अज्ञात बदमाश घर में घुसे, देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला किया, और उनकी पत्नी प्रियंका को बंधक बनाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया. घटना के बाद प्रियंका का रो-रोकर दिया गया बयान पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया था. वह बार-बार यही कह रही थी कि बदमाश अचानक घर में घुस आए, उन्होंने पति पर हमला किया और उसे एक कमरे में बांध दिया. उसके आंसू, उसकी घबराहट और उसकी टूटी हुई आवाज सब कुछ इतना वास्तविक लग रहा था कि किसी को उस पर शक नहीं हुआ. लेकिन पुलिस की नजरों से यह कहानी ज्यादा देर तक बच नहीं सकी.जांच में सामने आया कि प्रियंका का अपने ही गांव के कमलेश नाम के युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. यह संबंध कोई नया नहीं था, बल्कि पिछले कई वर्षों से दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे. इसी रिश्ते के चलते पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था. परिवार वालों के मुताबिक, प्रियंका कई बार अपने मायके चली जाती थी और लंबे समय तक वहीं रहती थी. इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया वो है बाल विवाह. पुलिस के अनुसार, प्रियंका और देवकृष्ण की शादी तब हुई थी जब दोनों नाबालिग थे. शादी के बाद वे अलग-अलग अपने परिवारों के साथ रहते रहे. जब प्रियंका बालिग हुई और उसे पति के साथ रहने के लिए कहा गया, तो वह इसके लिए तैयार नहीं थी. यही असहमति धीरे-धीरे एक खतरनाक साजिश में बदल गई प्रियंका ने अपने प्रेमी के साथ लूट का नाटक कर पति को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया. मयंक अवस्थी (एसपी) के नेतृत्व में टीम ने न सिर्फ प्रियंका और कमलेश को गिरफ्तार किया, बल्कि लूट का सामान भी बरामद कर लिया और हैरानी की बात यह रही कि वह सामान खुद प्रियंका के घर से ही मिला. फिलहाल इस मामले में तीसरे आरोपी सुरेंद्र की तलाश जारी है, जिसे इस हत्या को अंजाम देने के लिए सुपारी दी गई थी. इस खुलासे के बाद मृतक के परिवार में गुस्सा और दुख दोनों साफ दिखाई दे रहा है. देवकृष्ण की मां और बहन ने प्रियंका पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि प्रियंका का व्यवहार शुरू से ही ठीक नहीं था. वह अक्सर विवाद करती थी और अपने पति को अपमानित करती थी. मृतक की बहन ने बताया कि प्रियंका अक्सर कहती थी कि “तुम मुझे डिजर्व नहीं करते, तुम मेरे लायक नहीं हो.” परिवार का यह भी आरोप है कि प्रियंका का कमलेश के साथ संबंध 2020 से चल रहा था और गांव में भी इस बात की चर्चा थी. कई बार कमलेश गांव आता था और घर के आसपास मंडराता दिखाई देता था.मृतक की मां का कहना है कि उनकी बहू हमेशा झगड़ा करती थी और घर का माहौल खराब रखती थी. उन्होंने यहां तक कहा कि प्रियंका को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. जाहिर है कि आप पति या पत्नी पर आंख मूंद कर विश्वास करेंगे तो परिणाम अप्रिय हो सकता है। कुछ और वारदातों से समझने का प्रयास करते हैं 12 जनवरी को यूपी के हरदोई में एक पति ने पुलिस स्टेशन में अपनी पत्नी को गोली मारकर हत्या कर दी। महिला 5 दिन पहले अपने प्रेमी के साथ भाग गई थी। पुलिस ने रविवार को उसे उसके प्रेमी के साथ पकड़ा और थाने ले आई, फिर फोन पर उसके पति को जानकारी दी।जब महिला मेस से खाना खाकर बाहर निकली, तो उसका पति आ गया। अचानक उसने अपनी कमर से पिस्तौल निकाली और अपनी पत्नी के दाहिने कंधे पर गोली मार दी। गोली उसके सीने से पार हो गई। वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ी। 8 फरवरी को ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में मामूली घरेलू विवाद के बाद पति ने अवैध हथियार से पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी. देर रात हुई वारदात से इलाके में दहशत फैल गई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल सोशल मीडिया ओटीटी प्लेटफार्म पर परोसी जा रही अनैतिकता ने सबसे ज्यादा दांपत्य जीवन को प्रभावित किया है इंदौर का राजा रघुवंशी हत्याकांड हो या मेरठ का नीला ड्राम वाला सौरभ का कत्ल कथित आधुनिक युवतियों के चरित्र को बयान करते हैं अब अखबारों में प्रेमी के सहयोग से पति की हत्या की खबरों की भरमार है वहीं लिवइन रिलेशन शिप लवजेहाद और विवाहेत्तर संबंध परस्पर एक दूसरे की जान के ग्राहक बन गए हैं। यह एक पतन की ओर बढ़ रहे समाज का हवाला दे रहा है। (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं पिछले 38 वर्ष से लेखन और पत्रकारिता से जुड़े हैं) (यह लेखक के व्य‎‎‎क्तिगत ‎विचार हैं इससे संपादक का सहमत होना अ‎निवार्य नहीं है) .../ 12 अप्रैल /2026