क्षेत्रीय
12-Apr-2026
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- मस्तूरी गोलीकांड के आरोपी बने हाईटेक डॉन, सेंट्रल जेल की सुरक्षा पर बड़ा सवाल बिलासपुर.सेंट्रल जेल की ऊंची दीवारों के भीतर अब सिर्फ सजा नहीं, ‘स्टाइल’ भी बन रही है। मस्तूरी गोलीकांड के आरोपी जेल में बंद हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर उनका अंदाज किसी गैंगस्टर से कम नहीं दिख रहा। जेल परिसर के भीतर से शूट हुई एक रील ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। वायरल वीडियो में मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत और उसके साथी ‘डॉन स्टाइल’ में नजर आ रहे हैं। बैकग्राउंड, बॉडी लैंग्वेज और प्रस्तुति—सब कुछ ऐसा जैसे यह जेल नहीं, बल्कि किसी गैंगस्टर फिल्म का सेट हो। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जिस जगह मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित है, वहां से यह हाईटेक रील बाहर कैसे आई? जानकारी सामने आई है कि मुलाकात के दौरान आए लोगों ने ही मोबाइल अंदर ले जाकर यह वीडियो शूट किया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यानी सुरक्षा के नाम पर जो जांच प्रक्रिया है, वह कागजों तक सीमित रह गई। मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यही आरोपी कुछ महीने पहले मस्तूरी में कांग्रेस नेता नितेश सिंह पर फायरिंग जैसे सनसनीखेज केस में जेल भेजे गए थे। लेकिन अब वही आरोपी ‘खौफ’ की जगह ‘फॉलोअर्स’ बटोरते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही जेल प्रशासन हरकत में आया। आरोपियों की मुलाकात पर रोक लगा दी गई, मुलाकात कक्ष के स्टाफ को हटाया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। रील बनाने और वायरल करने वालों पर एफआईआर की तैयारी भी की जा रही है। लेकिन सवाल यहीं खत्म नहीं होते। पहले भी इसी जेल से गैंगवार, नशाखोरी और अंदरूनी लेन-देन की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में यह नई घटना सीधे संकेत देती है कि अंदर कहीं न कहीं ‘सिस्टम’ कमजोर है—या फिर जानबूझकर ढीला छोड़ा गया है। जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जाएगा। लेकिन जब तक जवाब नहीं मिलता—मोबाइल अंदर कैसे पहुंचा, शूटिंग किसकी निगरानी में हुई—तब तक यह मामला सिर्फ एक वायरल रील नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की ‘रियलिटी चेक’ बना रहेगा। सबसे बड़ा सवाल यही—क्या जेल सुधार गृह है, या फिर हाईटेक गैंगस्टर्स का नया अड्डा? मनोज राज 12 अप्रैल 2026