- हेल्पलाइन नंबर और वन स्टॉप सेंटर सक्रिय - नागरिक चाइल्ड एवं महिला हेल्पलाइन पर दे सकते हैं बाल विवाह की सूचना सीहोर (ईएमएस)। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आगामी 20 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए प्रदेशभर में व्यापक अभियान संचालित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस अवसर पर बाल विवाह की आशंका को देखते हुए जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर तक सतर्कता बढ़ाई जाए तथा प्रभावी निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों के अनुसार सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित कर निगरानी रखी जाएगी। ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समितियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं एवं पंचायत प्रतिनिधियों को सक्रिय कर संदिग्ध विवाहों की सूचना तत्काल प्रशासन तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस, प्रशासन, शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग के बीच समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बाल विवाह की रोकथाम के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। विभाग द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे बाल विवाह जैसी घटनाओं की जानकारी तुरंत संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर दें। इसके लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 तथा पुलिस आपातकालीन सेवा 112 को सक्रिय रखा गया है, ताकि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा, जिले में संचालित वन स्टॉप सेंटर (सखी केंद्र) को भी पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, जहां महिलाओं और बालिकाओं को आपात स्थिति में सहायता, परामर्श, आश्रय और कानूनी सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। इन केंद्रों के माध्यम से पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान कर उन्हें सुरक्षा और न्याय दिलाने की व्यवस्था की गई है। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। किसी भी व्यक्ति द्वारा बाल विवाह कराने या उसमें सहयोग करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत प्रशासन को देकर बच्चों के सुरक्षित भविष्य में अपनी भागीदारी निभाएं। विमल जैन / 12 अप्रैल 26