जबलपुर, (ईएमएस)। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना जल संचय जनभागीदारी 2.0 के सफल क्रियान्वयन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए जिला प्रशासन द्वारा सिहोरा में जल संरक्षण एवं पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन हेतु एक महत्वपूर्ण पहल सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशों के परिपालन में तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक गहलोत के कुशल मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती ज्योति परस्ते के प्रत्यक्ष निर्देशन में आज नगर पालिका परिषद सिहोरा द्वारा मिलिट्री पड़ाव स्थित ऐतिहासिक प्राचीन बावड़ी के जीर्णोद्धार का कार्य विधिवत प्रारंभ कर दिया गया है। नगर पालिका परिषद सिहोरा की अध्यक्ष श्रीमती संध्या दिलीप दुबे के नेतृत्व में संचालित इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य प्राचीन जल संरचनाओं की पारिस्थितिक उपयोगिता को पुन: स्थापित करना है। इस जीर्णोद्धार प्रक्रिया के अंतर्गत बावड़ी की व्यापक साफ-सफाई, संचित गाद के निष्कासन तथा आवश्यक संरचनात्मक मरम्मत के कार्य संपादित किए जा रहे हैं ताकि वर्षा जल का प्रभावी संचयन सुनिश्चित हो सके और क्षेत्र के भूजल स्तर में गुणात्मक सुधार लाया जा सके। इस पुनीत कार्य में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न समाजसेवियों ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराते हुए जन भागीदारी की मिसाल पेश की है। कार्यक्रम स्थल पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती जयश्री चौहान एवं परियोजना नोडल अधिकारी श्री नमन श्रीवास्तव सहित निकाय के समस्त कर्मचारियों ने स्वयं श्रमदान कर इस अभियान को गति प्रदान की। प्रशासन द्वारा जनसामान्य में जल संरक्षण के प्रति चेतना जागृत करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि प्रत्येक नागरिक अपने आसपास के जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति उत्तरदायी बन सके। सुनील साहू / मोनिका / 12 अप्रैल 2026/ 02.17