राष्ट्रीय
12-Apr-2026
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-बर्खास्त एमबीबीएस छात्रों को पैसे लेकर डिग्री दिलाने की बात सामने आई, जांच एजेंसियां सतर्क ग्वालियर,(ईएमएस)। मध्यप्रदेश के ग्वालियर के गजरा राजा मेडिकल कॉलेज से एक ऑडियो वायरल होने के बाद छात्र शाखा के प्रभारी प्रशांत चतुर्वेदी को पद से हटा दिया गया है। इस ऑडियो में बर्खास्त एमबीबीएस छात्रों को पैसे लेकर डिग्री दिलाने की बात सामने आई है, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। हालांकि इस मामले में उनके सहायक पंकज कुशवाह पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऑडियो में एक पूर्व छात्र 16-16 लाख रुपए की डील का आरोप लगा रहे हैं, जबकि प्रभारी जीवाजी यूनिवर्सिटी में ज्यादा खर्च होने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व मेडिकल स्टूडेंट की शिकायत के बाद अब यहां व्यापमं कांड के पन्ने फिर से खुल गए हैं। मेडिकल कॉलेज के डीन ने जांच शुरू करवा दी है, जबकि इंटेलीजेंस के नजर में पूरा मामला आ गया है। इंटेलीजेंस के अफसरों ने शिकायतकर्ता से दस्तावेज मांगे हैं। पूर्व मेडिकल छात्र संदीप लहारिया ने शिकायत में बताया कि साल 2010 में व्यापमं कांड का खुलासा हुआ था। इसमें साल 2006 से 2010 के बीच करीब 150 से ज्यादा छात्रों पर एफआईआर दर्ज की गई लेकिन 30 से 35 एमबीबीएस छात्र ऐसे थे जिनको संदिग्ध माना था और जांच में लिया गया था। केस रजिस्टर्ड हुआ था, मामला सीबीआई कोर्ट में चल रहा है। इन छात्रों का भविष्य अंधेरे में था। रिपोर्ट के मुताबिक मामले की सही और निष्पक्ष जांच के लिए साल 2017 में एक न्यू हाई पॉवर एक्शन कमेटी का गठन किया गया था, जिसमें ग्वालियर के चुनिंदा डॉक्टर शामिल थे। कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट दी जिसके आधार पर करीब 30 से ज्यादा एमबीबीएस छात्रों को बर्खास्त किया गया था, जिसमें शिकायतकर्ता संदीप का भी नाम शामिल है। इन बर्खास्त छात्रों से अभी तक किसी को भी बहाल नहीं किया गया है न ही कोई दूसरी कमेटी बनी है जिसने किसी भी छात्र को राहत दी हो। इसके बाद भी कई छात्रों को एमबीबीएस की डिग्री बांट दी गई। यह अपने आप में धोखा और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। इस मामले में राज्यपाल से लेकर ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के डीन तक की गई शिकायत में पूर्व एमबीबीएस छात्र संदीप लहारिया ने आरोप लगाया था कि मेडिकल कॉलेज से बर्खास्त छात्रों को एमबीबीएस की डिग्री गलत तरीके से बांट दी गई। न तो यह छात्र बर्खास्त होने के बाद बहाल हुए हैं न ही इन्होंने कोई मानक पूरे किए हैं। संदीप ने दावा किया था कि यह पूरा रैकेट ग्वालियर के गजरा राजा मेडिकल कॉलेज के छात्र शाखा के प्रभारी बाबू प्रशांत चतुर्वेदी और उनके सहायक पंकज कुशवाह द्वारा चलाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने प्रशांत को पद हटाते हुए कार्यालय संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक जेएएच में अटैच कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक व्यापमं कांड का वापस नाम सामने आते ही जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों द्वारा बर्खास्त एमबीबीएस छात्र को डिग्री बांटने के आरोप लगने के बाद अब इंटेलीजेंस इस मामले में सक्रिय हो गई है। ऐसा पता लगा है कि इंटेलीजेंस एसपी ने इस मामले में शिकायतकर्ता को कॉल कर मामले की जानकारी ली है। साथ ही जो भी दस्तावेज हैं उनके साथ मिलने के लिए बुलाया है। इंटेलीजेंस के अफसरों का कहना है कि मामले में वह विस्तार से जांच कर रिपोर्ट ऊपर भेजेंगे, जिससे मामले को बीच में दबाया न जा सके। इस मामले में ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने बताया कि शिकायत की जांच कराई जा रही है। जब तक शिकायत जांच में है छात्र शाखा प्रभारी को आगामी आदेश तक पद से हटा दिया गया है। जो भी मामले में दोषी होगा उस पर एक्शन लिया जाएगा। सिराज/ईएमएस 12अप्रैल26