12-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली में इस वर्ष से एप आधारित एग्रीगेटर बेड़े में पेट्रोल-डीजल वाहनों को शामिल करने पर रोक लगेगी। 2026 के बाद बेड़ा पूरी तरह इलेक्ट्रिक होगा। इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा को 50,000 रुपये तक प्रोत्साहन मिलेगा। दिल्ली में एप आधारित सामान और भोजन आपूर्ति एवं यात्रा की सुविधा मुहैया कराने वाली कंपनियों (एग्रीगेटर) के इस वर्ष से अपने बेड़े में पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहन शामिल करने पर रोक लगेगी। इस वर्ष एक जनवरी से ही एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं द्वारा संचालित दोपहिया वाहनों और हल्के मालवाहक वाहनों के मौजूदा बेड़े में पूरी तरह से पेट्रोल या डीजल पर चलने वाले किसी भी पारंपरिक वाहन को शामिल नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। एग्रीगेटर को बेड़े में बीएस-6 उत्सर्जन मानक वाले दोपहिया वाहनों को शामिल करने की अनुमति 31 दिसंबर, 2026 तक होगी, जिसके बाद उन्हें अपने बेड़े को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलना अनिवार्य होगा। इस नीति में ऑटो-रिक्शा सहित यात्री इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों के लिए प्रोत्साहन राशि का भी प्रस्ताव किया गया है। इसमें कहा गया कि नई नीति की अधिसूचना की तारीख से पहले वर्ष में 50,000 रुपये, दूसरे वर्ष में 40,000 रुपये और तीसरे वर्ष में 30,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा दिया जा सके। यह प्रोत्साहन राशि पुराने सीएनजी ऑटो-रिक्शा को बदलने के साथ-साथ दिल्ली में पंजीकृत नए ऑटो-रिक्शा पर भी लागू होगी। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/12/ अप्रैल /2026