राज्य
13-Apr-2026


इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस प्रणय वर्मा की एकल पीठ ने एक अवमानना याचिका सुनवाई उपरांत अवर मुख्य सचिव संजय दुबे के खिलाफ सख्ती दिखा चेतावनी देते आदेश दिया कि हाईकोर्ट के पूर्व आदेश का पालन करते स्टेटस रिपोर्ट चार सप्ताह में कोर्ट के समक्ष पेश नहीं की तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना होगा। याचिका सुनवाई की अगली तारीख 11 मई नियत की। सब इंजीनियर से असिस्टेंट इंजीनियर पद पर पदोन्नति के मामले में यह अवमानना याचिका इन्दौर नगर निगम में पदस्थ सुमित अष्ठाना, रिटायर्ड नागेंद्रसिंह भदौरिया, धार में पदस्थ संजय मराठा और आगर में पदस्थ मनोज गुप्ता ने एसीएस संजय दुबे सहित नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे के खिलाफ दायर कर कोर्ट को बताया था कि वर्षों से पदोन्नति के पात्र होने के बावजूद उन्हें आगे नहीं बढ़ाया। 1 जनवरी 2015 के बाद से विभाग ने डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की बैठक ही नहीं बुलाई, जिससे 50 प्रतिशत प्रमोशनल कोटा के पद खाली है। पूर्व में हाईकोर्ट ने निर्देश दिए थे कि विभाग 60 दिन में डीपीसी कर पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करे। यदि याचिकाकर्ता पात्र पाए जाते हैं तो उन्हें पदोन्नति दी जाए। हालांकि यह पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। उक्त आदेश का पालन नहीं करने के चलते यह अवमानना याचिका दायर की गई। जिस पर सुनवाई उपरांत कोर्ट ने प्रमोशन देने में लापरवाही बरतने पर अवर मुख्य सचिव संजय दुबे के खिलाफ सख्ती दिखाते उक्त आदेश दिया। आनंद पुरोहित/ 13 अप्रैल 2026