तेहरान,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप लियो की खुलकर और मनभरकर आलोचना की है। इसके बाद घाना में ईरानी दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर निशाना साधा है। ईरानी दूतावास ने उनकी आलोचना करते हुए ट्रंप के चरित्र पर कई आरोप लगाए। ईरानी दूतावास ने एक्स पर लिखा, पोप ने शांति के लिए प्रार्थना की। जबकि ट्रंप ने आज रात उन्हें कमजोर कहा और बोला कि मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो मेरी आलोचना करे! इसके बाद ईरानी दूतावास ने ट्रंप के चरित्र को कठघरे में खड़ा कर बताया कि आइए इस ट्रंप के कारनामों से जानते हैं कि यह कौन है, वह सालों तक लगातार एपस्टीन के आइलैंड पर जाता रहा! जब उसकी पत्नी प्रेग्नेंट थी, तब ट्रंप ने एक पोर्न स्टार को चुप रहने के लिए पैसे दिए और इसके लिए ट्रंप को सजा हुई। 34 गंभीर अपराध! उसकी मिसाइल मिनाब में मासूम बच्चों से भरे एक स्कूल से टकराई, जिसमें 168 की मौत हुई! ईरानी दूतावास ने कहा, छह महीने पहले, उसने (ट्रंप) अपने मुंह से कहा था मैं स्वर्ग नहीं जा रहा हूं (यह एकमात्र ईमानदार वाक्य था जो उसने कभी कहा था)। पोप ने तुम्हारी आत्मा के लिए एक मोमबत्ती जलाई। लेकिन स्वर्ग के दरवाजे पर 168 छोटी लड़कियां हैं जो तुमसे पहले वहां पहुंच गईं। जो कि तुम्हारी वजह से! उन्हें तुम्हारा नाम याद रहेगा। नरक तुम्हारा इंतजार कर रहा है, डॉन! दरअसल, ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, पोप लियो अपराध के मामले में कमजोर हैं और विदेश नीति के लिए बहुत बुरे हैं। पोप मेरी सरकार के डर की बात करते हैं, लेकिन वे उस डर के बारे में कुछ नहीं बोलते जो कोरोना के समय चर्च ने झेला थ। तब चर्च में प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए पादरियों और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा था। तब व्हाइट हाउस और वेटिकन के बीच तनाव फिर से बढ़ गया। पोस्ट में, ट्रंप ने पोप पर आरोप लगाया कि वे कोरोना महामारी के दौरान धार्मिक सभाओं पर लगी पिछली पाबंदियों को नजरअंदाज करते हुए अपने सरकार की आलोचना पर ध्यान दे रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर पोप की नरमी पर भी आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने कहा, मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो सोचता हो कि ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार होना ठीक है। ट्रंप ने पोस्ट में लिखा कि केवल उनके राष्ट्रपति होने के कारण अमेरिका में जन्मे लियो पोप बने हैं। आशीष दुबे / 13 अप्रैल 2026