कराची,(ईएमएस)। पाकिस्तान में संकट कम होता नहीं दिख रहा है। कर्ज का बोझ, इकोनॉमी ध्वस्त है, लेकिन फिर भी अकड़ कम नहीं हो रही है। हाल ही में पाकिस्तान मिडिल ईस्ट युद्ध को खत्म कराने के लिए मध्यस्ता की भूमिका में नजर आया। तमाम बड़े दावे कर अमेरिका और ईरान को एक मंच पर लाने में कामयाब भी हुआ और यूएस-ईरान में दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान हो गया। इस मध्यस्थता का असर पाकिस्तान शेयर बाजार पर दिखाई दिया और बीते बुधवार को एक ही दिन में पाकिस्तान शेयर बाजार 12000 अंक चढ़ गया, जो रिकॉर्ड रैली थी। लेकिन इस्लामाबाद में जब अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता हुई, तब 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा रही और दोनों के बीच टेंशन फिर चरम पर पहुंच गया। इसका भी असर पाकिस्तान में दिखा और सोमवार को केएसई-100 एक झटके में 4500 अंक गिर गया। अमेरिका-ईरान में बढ़ी तनातनी के बीच एशियाई बाजारों में कोहराम मचा नजर आया, वहीं सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को पाकिस्तान स्टॉक मार्केट भी क्रैश हुआ। खबर लिखे जाने तक केएसई-100 इंडेक्स करीब 3 फीसदी या 4500 अंक से ज्यादा टूटकर 1,61,638 के लेवल पर कारोबार कर रहा था और पाकिस्तानी निवेशकों को तगड़ा नुकसान हुआ है। बता दें कि पाकिस्तान जहां लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वहीं उसका स्टॉक मार्केट भी खड़ा नहीं हो पा रहा था और लगातार टूट रहा था। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 2 मार्च को ही ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली की मौत के बाद केएसई-100 ने 16,089 अंकों या 9.57 फीसदी का गोता लगा दिया था। जो अब तक सबसे बड़ी एक दिनी गिरावट थी। हालांकि, जब अमेरिका-ईरान 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमत हुए, तब पाकिस्तानी शेयर बाजार की चाल भी बदली और इसमें इतिहास की सबसे बड़ी रैली देखने को मिली। केएसई-100 इंडेक्स सुबह 9:37 बजे ही 12,362.38 अंक या 8.15 फीसदी की उछाल के साथ 164,035.83 पर पहुंच गया था। आशीष दुबे / 13 अप्रैल 2026