राष्ट्रीय
13-Apr-2026
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-दिल्ली आबकारी नीति मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट का माहौल हुआ गर्म नई दिल्ली,(ईएमएस)। दिल्ली आबकारी नीति मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने खुद अदालत में अपनी पैरवी करते हुए न्यायिक प्रक्रिया और सुनवाई की गति पर सवाल उठाए, जिस पर जज ने सीधा और सख्त सवाल करते हुए पूछा- क्या आप यह कहना चाहते हैं कि मैं राजनीतिक रूप से पक्षपाती हूं? पूर्व सीएम केजरीवाल ने दलील दी कि उनके और अन्य विपक्षी नेताओं के मामलों में असामान्य तेजी से सुनवाई हो रही है, जबकि अन्य मामलों में ऐसा नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट द्वारा दिया गया लगभग 500 पन्नों का विस्तृत फैसला था, जिसमें सभी आरोपों पर गहराई से विचार किया गया था। उनके मुताबिक, केंद्रीय जांच ब्यूरो ने महज चार घंटे के भीतर इस फैसले के खिलाफ अपील दाखिल कर दी, जो इतने बड़े निर्णय को समझने के लिए पर्याप्त समय नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अपील में ट्रायल कोर्ट की किसी ठोस फाइंडिंग को चुनौती नहीं दी गई, जिससे यह “डिफेक्टिव” प्रतीत होती है और इसे प्रारंभ में ही खारिज किया जाना चाहिए था। सुनवाई के दौरान मामला तब और संवेदनशील हो गया जब केजरीवाल ने जज की एक अधिवक्ता परिषद की बैठकों में भागीदारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस संगठन की विचारधारा उनके खिलाफ है और जज का उसमें शामिल होना उनके मन में निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा करता है। इस पर जज ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूछा कि क्या उन्होंने उन बैठकों में कोई राजनीतिक या वैचारिक टिप्पणी की थी, या वे केवल कानूनी कार्यक्रम थे। जज ने यह भी कहा कि केजरीवाल ने अपनी अर्जी में उस कार्यक्रम का कोई ठोस विवरण या लिंक प्रस्तुत नहीं किया है। जवाब में केजरीवाल ने कहा कि केवल ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेना भी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकता है। इस पूरे घटनाक्रम ने अदालत में माहौल को गरमा दिया। अब इस मामले में आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। हिदायत/ईएमएस 13अप्रैल26