राष्ट्रीय
13-Apr-2026


लखनऊ (ईएमएस)। यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिले के औद्योगिक क्षेत्र नोएडा में वेतन वृद्धि और न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर फैक्टरी कर्मियों द्वारा हिंसक प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तुरंत एक बड़ा कदम उठाते हुए मजदूरों और उद्योगों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य मजदूरों के हितों की सुरक्षा के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में शांति और संतुलन बनाए रखना है। गठित समिति की कमान औद्योगिक विकास आयुक्त को सौंपी गई है। इसके अलावा अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई) और प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन को भी इसमें सदस्य बनाया गया है। खास बात यह है कि समिति में श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधियों और उद्योग संगठनों के तीन प्रतिनिधियों को शामिल कर सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। सरकार का मानना है कि यह समिति संवाद और आपसी सहमति के जरिए विवादों को सुलझाएगी, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके और औद्योगिक माहौल स्थिर बना रहे। गौरतलब है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा की गारमेंट फैक्ट्रियों में कार्यरत कर्मचारी हरियाणा के नवीनतम मजदूरी दरों (15,220 रुपए-18,500़ रुपए) के अनुसार वेतन की मांग कर रहे हैं, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच वे अपना गुजारा कर सकें। वेतन में अनियमितता इसके आंदोलन का मुख्य कारण है, एक ही कार्य के लिए किसी कर्मचारी को 15 हजार तो किसी को 16 हजार और किसी को कुछ और वेतन दिया जाता है। जितेन्द्र 13 अप्रैल 2026