महायज्ञ और नगर भोज के लिए दान स्वरूप 300 क्विंटल से अधिक सामग्री एकत्रित सीहोर (ईएमएस)। आगामी (ईएमएस)! से शहर के न्यू बस स्टैंड स्थित श्री हनुमान मंदिर समिति एवं समस्त क्षेत्रवासियों के तत्वाधान में होने वाले भव्य श्री 21 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ के लिए भव्य यज्ञशाला का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में इसके अलावा यहा पर नजदीक में सप्त दिवसीय श्रीराम कथा एवं मानस सम्मेलन, महाकाल मंडल रामलीला आदि के लिए भी भव्य पंडाल लगाए जा रहे है। प्रतिदिन होने वाले नगर भोज के लिए दान आना प्रारंभ हो गया था। भंडारे के लिए क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने गेहूं, दाल, घी, तेल, शक्कर, चावल सहित अन्य सामग्री समिति को दान स्वरूप भेंट की। इसके साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा नगद राशि भी दान स्वरूप प्रदान की जा रही है। भोजन निर्माण के लिए भंडार गृह बनाया गया है। सोमवार को यज्ञ संचालक श्रीश्री 1008 पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे, मंदिर समिति के अध्यक्ष रुद्रप्रकाश राठौर, संस्कार मंच के संयोजक मनोज दीक्षित मामा आदि ने यहां पर जारी निर्माण कार्य का जायजा लिया। यज्ञ संचालक संत श्री कटारे बाबा ने बताया कि आगामी 19 अपै्रल से होने वाले सात दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन समिति अध्यक्ष रुद्रप्रकाश राठौर और क्षेत्रवासियों के सहयोग से किया गया है। मेहंदीपुर बालाजी मंदिर भगवान हनुमान हिंदू देवता जिन्हें संकट मोचन माना जाता इसी का रूप अब करोड़ों रुपए की लागत से शहर के बस स्टैंड पर श्री सिद्ध हनुमान मंदिर प्रसिद्ध होने जा रहा है। करीब पांच करोड़ से बनाए जाने वाले हनुमान मंदिर में राजस्थान से लाखों रुपए से मंगाई गई जहां पर हनुमान जी के साथ ही भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और जानकी की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर देश भर के प्रसिद्ध संतों का समागम होगा। सत्प दिवसीय 21 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ के लिए भव्य यज्ञशाला का निर्माण किया गया है। पांच मंजिल महायज्ञ शाला बनी आकर्षण का केन्द्र हनुमान मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा और क्षेत्रवासियों के सहयोग से शहर के बस स्टैंड के बाद जयंती कालोनी में बनाई जा रही आयोजित महायज्ञों में 21 कुंडीय 5 मंजिला यज्ञशाला आकर्षण का केंद्र है। संत श्री कटारे बाबा ने बताया कि यज्ञशालाओं का निर्माण आमतौर पर बांस, लीप्टिस, कुश और नारियल की रस्सियों का उपयोग करके किया जाता है। ये 5 से 7 मंजिल तक ऊंची हो सकती हैं, जो लगभग 55 फीट तक की ऊंचाई तक पहुंचती हैं। उन्होंने बताया कि पंडित श्री कटारे ने बताया कि हमारे ब्रह्मलीन पिता श्री द्वारा करीब 232 से अधिक मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जा चुका है और हमारे द्वारा भी अब तक 88 से अधिक मंदिरों के जीर्णोद्धार के साथ प्राण-प्रतिष्ठा हो चुकी है और करीब 12 मंदिर निर्माणाधीन है। इसमें करीब 84 से अधिक यजमानों के द्वारा पूर्ण विधि-विधान से यज्ञ संचालक पंडित दुर्गा प्रसाद कटारे बाबा के मार्गदर्शन में यज्ञाचार्य पंडित दीपक शास्त्री के द्वारा आहुतियां दी जाएगी। 19 अपै्रल को भव्य कलश यात्रा, पंचाग पूजन, मंडप प्रवेश, जलाधिवास, राम रक्षा स्त्रोत एवं हनुमान चालीसा पाठ तथा मानस सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 20 अपै्रल को देव स्थापना, अग्रि स्थापना, हवन, अन्नाधिवास, एवं मानस सम्मेलन, 21 अपै्रल को देव पूजन, हवन, पुष्पाधिवास, लताधिवास, फलाधिवास के अलावा 22 अपै्रल को देव पूजन, हवन, मिष्ठानाधिवास, द्यृताधिवास, 23 अपै्रल को देव पूजन, हवन, महाभिषेक और भव्य शोभा यात्रा राम बारात, 24 अपै्रल को देव पूजन, हवन, प्राण-प्रतिष्ठा, महा आरती और 25 अपै्रल को हवन एवं पूर्णाहुति और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। ईएमएस/ विमल जैन /