:: खाद्य मंत्री राजपूत का ऐलान : बायोमेट्रिक के साथ ओटीपी और नॉमिनी की सुविधा रहेगी बरकरार, वन नेशन-वन राशनकार्ड से प्रदेशभर में मिल रहा लाभ :: इंदौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि अब पात्र परिवारों को उचित मूल्य की दुकानों से फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचान प्रणाली) के माध्यम से राशन वितरित करने की योजना तैयार की गई है। इस नई व्यवस्था को दिसम्बर 2026 तक पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा। वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है, जिसमें परिवार का कोई भी सदस्य पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाकर अपनी पात्रता का राशन प्राप्त कर सकता है। मंत्री राजपूत ने राशन वितरण के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि मार्च 2026 में प्रदेश के 1 करोड़ 24 लाख 34 हजार परिवारों को 2 लाख 72 हजार मीट्रिक टन खाद्यान्न का वितरण सफलतापूर्वक किया जा चुका है। जिन परिवारों को अभी तक राशन नहीं मिल सका है, उन्हें 15 अप्रैल तक वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी रूप से कमजोर या शारीरिक रूप से अक्षम हितग्राहियों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा गया है। वृद्ध और दिव्यांगजन, जिनका बायोमेट्रिक सत्यापन विफल हो जाता है, उन्हें आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर राशन प्रदान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, लगभग 44 हजार 671 ऐसे परिवार जो दुकान तक पहुँचने में अक्षम हैं, उन्हें नॉमिनी के माध्यम से राशन लेने की विशेष सुविधा दी गई है। प्रदेश में वन नेशन वन राशनकार्ड और अंतर जिला पोर्टेबिलिटी योजना भी मील का पत्थर साबित हो रही है। मंत्री ने बताया कि अब हितग्राहियों के लिए अपनी ही दुकान से राशन लेने की बाध्यता समाप्त हो गई है। मध्यप्रदेश के 36 हजार से अधिक परिवार अन्य राज्यों में राशन ले रहे हैं, वहीं अन्य राज्यों के हजारों परिवार मध्यप्रदेश में इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। अंतर जिला पोर्टेबिलिटी के माध्यम से 18 लाख 55 हजार से अधिक परिवारों ने अपनी पसंद या नजदीकी दुकान से राशन प्राप्त किया है। शासन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार तक बिना किसी असुविधा के और पूरी पारदर्शिता के साथ खाद्यान्न पहुँचाना है। प्रकाश/13 अप्रैल 2026