राज्य
13-Apr-2026


पटना, (ईएमएस)। तेजस्वी यादव द्वारा लगातार दिए जा रहे गैर-जिम्मेदाराना और तथ्यों से परे बयान यह् साबित करता है कि उन्हें आर्थिक मामलों की न तो समझ है और न ही राज्य के विकास की गंभीरता का अहसास। बिहार जैसे बड़े राज्य के बजट, वित्तीय अनुशासन और विकास योजनाओं पर टिप्पणी करने से पहले उन्हें बुनियादी ज्ञान अर्जित करना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल ने अपने प्रेस वक्तव्य में आगे कहा कि आज बिहार का बजट, जो कभी लालू-राबड़ी शासनकाल में लगभग 13 हजार करोड़ रुपये के आसपास सिमटा हुआ था, वह बढ़कर साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये पहुंच चुका है। यह बदलाव अपने आप में बिहार के आर्थिक पुनर्जागरण और तेज विकास का प्रमाण है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा बिहार को मिले अभूतपूर्व सहयोग, योजनाओं और वित्तीय सहायता ने राज्य के विकास को नई गति दी है। बिहार आज बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और निवेश के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह वही बिहार है जिसे कभी पिछड़ेपन और अव्यवस्था का प्रतीक बना दिया गया था। आज वही राज्य सुशासन और विकास का उदाहरण बन रहा है। तेजस्वी यादव की वर्तमान स्थिति “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे” जैसी हो गई है। जनता के बीच अपनी घटती विश्वसनीयता और विफल राजनीति के कारण वे बेबुनियाद आरोपों का सहारा ले रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि बिहार की जनता सब कुछ देख और समझ रही है। बयानबाजी से पहले तेजस्वी यादव को अपने माता-पिता के शासनकाल का हिसाब बिहार की जनता को देना चाहिए, वह दौर जब बिहार भ्रष्टाचार, अपराध और अव्यवस्था के दलदल में फंसा हुआ था। आज बिहार विकास, विश्वास और स्थिरता के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है और यह यात्रा आगे भी जारी रहेगी। विपक्ष के पास न दृष्टि है, न नीति-सिर्फ भ्रम और आरोप है, जिसे जनता अब पूरी तरह नकार चुकी है। संतोष झा-१३ अप्रैल/२०२६/ईएमएस