भोपाल (ईएमएस)। डायल-112 आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता और सुरक्षा का भरोसेमंद माध्यम है। इंदौर जिले में मध्यरात्रि के समय सुनसान मार्ग पर भटके एक बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाकर डायल-112 जवानों ने सराहनीय कार्य किया। 12 अप्रैल को इंदौर जिले के थाना सांवेर क्षेत्र अंतर्गत रिंगनोद चौराहे पर एक 12 वर्षीय बालक के अकेले घूमते मिलने की सूचना डायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम भोपाल को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री पारस चौधरी एवं पायलट श्री धर्मेंद्र पटेल ने बालक को सुरक्षित संरक्षण में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में बालक अपने परिजनों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पा रहा था। डायल-112 जवानों ने अत्यंत संवेदनशीलता और धैर्य के साथ बालक की सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके पश्चात डायल-112 जवानों ने बालक को एफआरव्ही वाहन के माध्यम से आसपास क्षेत्रों में परिजनों की तलाश एवं पूछताछ की, किन्तु तत्काल कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। तत्पश्चात बालक को थाने लाकर सोशल मीडिया एवं कंट्रोल रूम के माध्यम से उसके परिजनों की खोज प्रारंभ की गई। पुलिस टीम की सूझबूझ और त्वरित कार्यवाही के परिणामस्वरूप कुछ ही समय में बालक के परिजनों तक सूचना पहुँच गई। परिजन थाने पहुँचे, जहाँ पहचान एवं सत्यापन उपरांत बालक को सकुशल उनके सुपुर्द किया गया। अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों ने डायल-112 का आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोज द्वारा प्रदर्शित यह मानवीय सेवा पुलिस के प्रति समाज के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करती है। जुनेद/ईएमएस/13/04/2026