भोपाल(ईएमएस)। एम्स भोपाल चिकित्सा सेवाओं और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर नवाचार और विस्तार के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में, एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर के नेतृत्व में माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा आदिवासी आबादी में फंगल संक्रमण पर केंद्रित एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला ट्राइबल रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्य प्रदेश के सहयोग से आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना है। इस कार्यशाला में टीआरडीआई द्वारा चयनित 12 आदिवासी जिलों से नामांकित चिकित्सा अधिकारी और प्रयोगशाला तकनीशियन शामिल हुए। प्रतिभागियों को फंगल संक्रमण की क्लिनिकल पहचान, सैंपल संग्रह, प्रयोगशाला निदान, संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण तथा रिपोर्टिंग के विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह कार्यक्रम एक बहु-केंद्रित अध्ययन के डेटा संग्रह चरण की शुरुआत को भी दर्शाता है, जिसका उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों से विश्वसनीय महामारी विज्ञान संबंधी आंकड़े एकत्र करना है। इस अध्ययन के लिए तकनीकी सहयोग एम्स भोपाल के मायकोलॉजी एडवांस्ड रिसोर्स सेंटर द्वारा प्रदान किया जा रहा है। यह आयोजन एम्स भोपाल, टीआरडीआई और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बीच समन्वित प्रयास का उदाहरण है, जिसका उद्देश्य आदिवासी समुदायों में फंगल संक्रमण की शीघ्र पहचान, सटीक निदान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करना है। हरि प्रसाद पाल / 13 अप्रैल, 2026