- इस बार अलनीनो का दिखेगा असर, कमजोर मानसून की आशंका भोपाल (ईएमएस)। मध्य प्रदेश में गर्मी ने धीरे-धीरे असर दिखाना शुरू कर दिया है। शुष्क मौसम के कारण दिन के साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून पर अलनीनो का प्रभाव पड़ सकता है। भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी अरुण शर्मा के मुताबिक जून से सितंबर के बीच औसत वर्षा दीर्घावधि औसत का 95 से 91 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि, हिंद महासागर का प्रभाव मानसून को कुछ हद तक सहारा दे सकता है। ओवरऑल एवरेज 30 से 32 इंच बारिश हो सकती है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.3 इंच है। मौसम विभाग की माने तो इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर और नर्मदापुरम संभाग में सामान्य से कम या सामान्य बारिश होने का अनुमान है, जबकि भोपाल संभाग के भोपाल, विदिशा, सीहोर में सामान्य या इससे ज्यादा पानी गिरेगा। मौसम विभाग की पिछले साल की ‘भविष्यवाणी’ सटिक निकली थी। अब देखना है कि इस बार का अनुमान कैसा रहता है? बता दें कि साल 2023 में प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई थी, लेकिन पिछले दो साल यानी, 2024 और 2025 में कोटे से ज्यादा पानी बरस गया। पिछले साल तो कुल 121 प्रतिशत बारिश हुई थी। यह अनुमान से 15 प्रतिशत ज्यादा थी। भोपाल समेत 30 जिलों में बहुत ज्यादा पानी गिरा था, लेकिन इस साल ऐसी तस्वीर देखने को नहीं मिलेगी। भारतीय मौसम विभाग ने मानसून अपडेट जारी किया। इसमें मध्य प्रदेश की तस्वीर भी साफ की गई। हालांकि, मई के आखिरी में मौसम विभाग एक और अपडेट देगा। इसके बाद मानसून की ताजा तस्वीर साफ हो जाएगी। कम बारिश से घटेगा उत्पादन पिछले दो साल से अच्छी बारिश होने से फसलों को काफी फायदा पहुंचा। नतीजा ये रहा है कि सोयाबीन का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 2 क्विंटल तक बढ़ गया था। वहीं, गेहूं-चने के लिए भी अच्छा पानी मिला था। इससे उत्पादन बढ़ गया। इस साल यदि कम बारिश होती है तो पेयजल के साथ सिंचाई के लिए भी दिक्कतें खड़ी हो सकती है। 2017 में हुई भी सबसे कम बारिश पिछले 10 साल के बारिश के आंकड़े पर नजर डालें तो साल 2017 में सबसे कम बारिश हुई थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.3 इंच है। इसके मुकाबले औसत 29.9 इंच बारिश हुई थी। साल 2018 में 34.3 इंच बारिश दर्ज की गई थी। सबसे ज्यादा पानी वर्ष 2019 में 53 इंच हुई थी। वहीं, 2021 और 2023 में सामान्य से थोड़ी ही कम बारिश हुई थी। 2024 में 44.1 इंच पानी गिरा तो 2025 में आंकड़ा 45.2 इंच तक पहुंच गया। इस तरह कह कहते हैं कि पिछले 7 साल से प्रदेश में अच्छी बरसात हो रही है। अब इस साल मानसून से भी यही उम्मीदें हैं। विनोद / 14 अप्रैल 26