राष्ट्रीय
14-Apr-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देहरादून में किया गया, जिससे यात्रियों के लिए दिल्ली से देहरादून का सफर अब 6-7 घंटे की बजाय करीब 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। 213 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने तैयार किया है, जिससे सफर तेज और आरामदायक होगा। इस एक्सप्रेसवे पर टोल चार्ज को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार और एसयूवी के लिए दिल्ली से देहरादून तक एक तरफ की यात्रा में करीब 670-675 रुपये का खर्च आएगा। अगर 24 घंटे के भीतर राउंड ट्रिप करते हैं, तब लगभग 1,010 रुपये होगा। हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए शुल्क लगभग 1,100 रुपये और बस या भारी ट्रकों के लिए 2,300 रुपये से अधिक हो सकता है। हालांकि अक्षरधाम से लोनी बॉर्डर तक का हिस्सा टोल फ्री रहेगा। हालांकि अभी इसके बारे में एनएचएआई के फाइनल अपडेट का इंतजार है। फास्टटैग के सालाना पास के मुताबिक, चूंकि एक्सप्रेसवे का संचालन एनएचएआई द्वारा किया जा रहा है, इसलिए यह रूट फास्टटैग एनुअल पास के लिए पूरी तरह मान्य है। सालाना फास्टटैग पास की कीमत 3,075 रुपये है और यह एक साल या 200 ट्रिप तक वैलिड रहेगा। नियमित यात्रा करने वाले यात्री मंथली या लोकल पास का उपयोग कर 30-40 प्रतिशत तक की बचत कर सकते हैं। इस एक्सप्रेसवे का टोल सामान्य से ज्यादा है, लेकिन इसकी वजह इसकी उच्च लागत और तकनीकी निर्माण है। 6 लेन और 210 किलोमीटर की दूरी वाले इस प्रोजेक्ट पर लगभग 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह मार्ग शिवालिक की पहाड़ियों और जंगलों से होकर गुजरता है, जिसमें मॉडर्न टेक्नोलॉजी और कठिन इंजीनियरिंग का इस्तेमाल हुआ है। समय की बचत और आरामदायक सफर को देखते हुए यात्रियों के लिए यह खर्च वाजिब माना जा रहा है। आशीष दुबे / 14 अप्रैल 2026