मनोरंजन
15-Apr-2026
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मुंबई (ईएमएस)। बॉलीवुड एक्टर नुशरत भरुचा अभिनीत छोरी फ्रेंचाइज़ी ने एक अलग पहचान बनाई है। नुशरत भरुचा के शानदार अभिनय से सजी छोरी और छोरी 2 पारंपरिक कहानी कहने के तरीकों से आगे बढ़कर, समाज में व्याप्त गंभीर समस्याओं को इस तरह पेश करती हैं, जो एक साथ दिलचस्प और असहज दोनों लगती हैं। पहली फिल्म छोरी ने लैंगिक भेदभाव और लड़कों को प्राथमिकता देने जैसी मानसिकता पर प्रकाश डाला था, जिससे वह अपनी मजबूत सामाजिक बात के लिए अलग नजर आई। छोरी 2 ने इस कहानी को और आगे बढ़ाते हुए एक ज्यादा डार्क और जटिल भावनात्मक दायरे में प्रवेश किया, जहाँ डर, मातृत्व और संघर्ष जैसे विषयों को और गहराई से खोजा गया, लेकिन सामाजिक वास्तविकताओं से इसका जुड़ाव बना रहा। इन फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्होंने सामाजिक मुद्दों को किसी उपदेश की तरह नहीं दिखाया, बल्कि हॉरर के माध्यम से इन प्रथाओं के डर और परिणामों को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इस फ्रेंचाइज़ी का संतुलन उल्लेखनीय है। हॉरर मौजूद है, लेकिन वह कहानी पर हावी नहीं होता, बल्कि उसे सहारा देता है, जिससे सामाजिक संदेश अधिक प्रभावशाली और सहज तरीके से सामने आता है, न कि उपदेशात्मक ढंग से। यही बात छोरी फ्रेंचाइज़ी को उस जॉनर में अलग बनाती है जहाँ अक्सर कहानी की गहराई पीछे छूट जाती है। नुशरत भरुचा की उपस्थिति दोनों ही फिल्मों में एक निरंतरता और भावनात्मक जुड़ाव प्रदान करती है। उनके किरदार का सफर पूरी कहानी को जोड़ता है, जिससे दर्शक सिर्फ डर ही नहीं, बल्कि कहानी के अंतर्निहित संदेश में भी विश्वास करते हैं। आज के बदलते कंटेंट माहौल में, जहाँ दर्शक गहराई वाली कहानियों के लिए अधिक खुले हैं, वहाँ छोरी और छोरी 2 बेहद प्रासंगिक महसूस होती हैं। यह दर्शाती हैं कि हॉरर को सिर्फ मनोरंजन के रूप में नहीं, बल्कि असहज सच्चाइयों को उजागर करने के एक माध्यम के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। छोरी 2 के एक साल बाद, जिस तरह इस फ्रेंचाइज़ी ने अपनी दुनिया को आकार दिया है, उससे साफ है कि कहानी आगे भी बढ़ सकती है। अगर छोरी 3 बनती है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि यह कहानी किस दिशा में जाती है और किन नए पहलुओं को सामने लाती है। सुदामा/ईएमएस 15 अप्रैल 2026