नई दिल्ली (ईएमएस)। आरव वत्स ने कैंसर से जूझते हुए सीबीएसई 10वीं में 96.6 प्रतिशत अंक हासिल कर मिसाल कायम की है। एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, साकेत के छात्र आरव को 2022 में लिम्फोब्लास्टिक लिम्फोमा का पता चला था। लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, साकेत के छात्र आरव वत्स पर यह पंक्तियां बिल्कुल सटीक बैठती है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की सेकेंडरी कक्षा में 96.6 प्रतिशत अंक लाने वाले आरव की कहानी सिर्फ एक छात्र की सफलता की नहीं, बल्कि साहस, धैर्य और अटूट विश्वास की मिसाल है। वर्ष 2022 में जब उन्हें कैंसर (लिम्फोब्लास्टिक लिम्फोमा) जैसी गंभीर बीमारी का पता चला, तो पूरा परिवार टूट गया। लेकिन इस कठिन समय में आरव और उनके परिवार ने खुद को संभाला और सकारात्मक सोच के साथ इस लड़ाई को स्वीकार किया। पिता डॉ. अजय वत्स बताते हैं कि बीमारी का पता चलते ही आरव का लंबा इलाज शुरू हुआ। कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, नियमित एमआरआई स्कैन और सर्जरी जैसे कठिन दौर से गुजरते हुए उन्होंने कई बार शारीरिक कमजोरी का सामना किया। 2022 में स्पाइन की सर्जरी के बाद समय ऐसा भी आया जब वह पूरे एक साल तक बिस्तर पर रहे। इस दौरान बस बेटे को यही समझाया कि परिस्थिति जो भी हो पाजिटिव रहना है और हम तुम्हारे साथ हैं। अजीत झा /देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/16/अप्रैल /2026