जबलपुर, (ईएमएस)। स्कूल संचालकों की मनमानी फीस वसूली और स्कूल ड्रेस, कोर्स की किताब से लेकर स्कूल वाहन तक मे एकाधिकार है वहीं निजी स्कूलों में टीचरों व अन्य स्टॉफ का दोहन व शोषण किया जा रहा है| अवकाश के दिनों में भी काम पर बुलाया जाता है| अन्यथा वेतन काट दिया जाता है| अभिभावकों, छात्रों एवं स्कूल स्टॉफ के साथ हो रहे आर्थिक अत्याचार पर सरकारी तंत्र मौन हैं...? कांग्रेस अल्पसंख्यक परिवार के वरिष्ठ नेता सरदार दलबीर सिंह जस्सल ,सुमन कुमार जैन द्वारा जारी एक बयान में मध्य प्रदेश शासन से यह मांग की है कि स्कूल की यूनिफॉर्म और कोर्स की किताबें हर साल नहीं बदली जाएं ,मनमानी फीस वसूली, यूनिफॉर्म ओर कॉपी किताब की कमीशन वाली दुकान पर रोक लगनी चाहिए,एवं आरटीई एक्ट सरकार सख्ती से लागू करें| कांग्रेस नेताओं ने आगे कहा कि स्कूलों की फीस अधिकतम एक हजार से 1 हजार 500 प्रतिमाह तक तय की जानी चाहिए,अभिभावकों व विद्यार्थियों को कहीं से भी कापी किताबें ,स्कूल यूनिफार्म खरीदने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए इसके साथ ही अवकाश के दिनों में बिना काम के स्टॉफ को बुलाकर बैठाकर रखने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगनी चाहिए| नियामक समिति मे स्कूलो की फीस और स्कूल वाहन भाडा किलोमीटर के हिसाब से तय किए जाना चाहिए । सुनील साहू / मोनिका / 16 अप्रैल 2026/ 02.25