नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली में जनगणना का पहला चरण गुरुवार से शुरू हो रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर डेटा संग्रह का काम शुरू होगा। यह प्रक्रिया आने वाले दशक में शासन और नीतिगत निर्णयों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अधिकारी राष्ट्रीय राजधानी में घर-घर जाकर व्यापक सर्वेक्षण करने की तैयारी कर चुके हैं। पहले चरण को हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस कहा जाता है, जिसमें घरों, इमारतों और जीवन स्थितियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। यह चरण व्यक्तियों की गणना के बजाय शहर की हर संरचना और आवास का मानचित्रण करने पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान निवासियों से 33 प्रश्नों के एक सेट के जरिए बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता, घर के स्वामित्व की स्थिति और घर के मुखिया का नाम व लिंग जैसी जानकारी ली जाएगी। अधिकारियों के अनुसार यह पूरा अभियान डिजिटल माध्यम से संचालित होगा। गणनाकर्ता अपने उपकरणों में एक विशेष मोबाइल एप के जरिए डेटा दर्ज करेंगे, जिससे सटीकता और दक्षता बढ़ेगी। पहला चरण दो अलग-अलग 30 दिवसीय चक्रों में चलेगा। नई दिल्ली नगर परिषद और दिल्ली छावनी क्षेत्रों में यह 16 अप्रैल से 15 मई तक चलेगा, जबकि दिल्ली नगर निगम क्षेत्रों में 16 मई से 15 जून तक यह लागू होगा। जनगणना कर्मियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें अलग-अलग ब्लॉक आवंटित किए गए हैं। दूसरा चरण, जिसमें व्यक्तियों की गणना होगी, बाद में राष्ट्रीय स्तर पर तय समय के अनुसार किया जाएगा। अजीत झा /देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/16/अप्रैल /2026