ब्यावरा(ईएमएस)l फर्जी नंबर प्लेट लगाकर टोल प्लाजा से वाहन निकालने वाले आरोपी को सिटी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त एर्टिगा कार क्रमांक एमपी 04 ईए 1732 और फर्जी नंबर प्लेट को जब्त किया। कार की कीमत 7 लाख रुपए आंकी गई है। सिटी थाना प्रभारी वीरेंद्र धाकड़ ने बताया कि 13 मार्च को वार्ड 5 के आदर्श कॉलोनी निवासी प्रेमनारायण पुत्र मांगीलाल वैष्णव 48 के मोबाइल पर जोगीपुरा टोल प्लाजा से टोल कटने का मैसेज आया, जबकि उसकी गाड़ी घर के सामने खड़ी थी। शक होने पर फरियादी ने टोल प्लाजा से जानकारी ली, जहां पता चला कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी नंबर प्लेट का उपयोग कर एर्टिगा कार से टोल पार कर रहा है। सिटी पुलिस ने मामला दर्ज कर एसआई गोविंद मीणा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस तकनीक सहायता और साक्ष्यों की मदद से हाईवे पर घेराबंदी कर आरोपी कन्नू शिल्पकार (28) निवासी बीनागंज जिला गुना को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। सिटी थाना प्रभारी श्री धाकड़ ने बताया मामले की जानकारी मिलते ही सिटी पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। तकनीकी सहायता और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध कार की पहचान की गई। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से कार जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। - तीन बार में टोल कटने के आए मैसेज फरियादी प्रेमनारायण वैष्णव ने पुलिस को बताया कि उनकी एमपी-09-डब्ल्यूके-57 67 नंबर की कार 28 फरवरी से 5 अप्रैल तक घर के सामने खड़ी थी। इसके बावजूद 13 मार्च को शाम 3:26 बजे 75 रुपए और 14 मार्च को शाम 7:57 बजे 35 रुपए टोल कटने के मैसेज मिले। शक होने पर फरियादी ने 1033 पर काल कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 20 मार्च को फिर मैसेज आया, जिसमें 19 मार्च को गुना जिले के पगारा टोल प्लाजा से 85 रुपए कटने की जानकारी मिली। इस तरह तीन अलग-अलग बार में कुल 195 रुपए टोल कटने के मैसेज मिलने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग वाहनों, जिनमें एर्टिगा और बलेनो कार शामिल हैं, का उपयोग कर टोल पार कर रहा था। - फास्टैग नहीं होने से नंबर प्लेट से कट रहे थे टोल के पैसे सिटी थाने के एसआई गोविंद मीना ने बताया कि आरोपी फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वाहन चला रहा था। वह फाइनेंस कंपनी की नजर से बचने के लिए कार में फास्टैग नहीं लगवा रहा था। ऐसे में जब वह टोल प्लाजा से गुजरता था, तो नंबर प्लेट स्कैन कर टोल राशि सीधे संबंधित वाहन मालिक के खाते से कट जाती थी। आरोपी द्वारा फरियादी की नंबर प्लेट का उपयोग करने पर तीन बार में कुल 195 रुपए टोल के रूप में कट गए।- निखिल /ब्यावरा /17/4/2026