क्षेत्रीय
17-Apr-2026
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गुना (ईएमएस) । शहर में शादियों का सीजन शुरू होते ही एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिल रहा है। इन दिनों दूल्हे राजा शेरवानी की फिटिंग और पार्लर के चक्कर छोडक़र हाथ में शादी का कार्ड और आवेदन लेकर सरकारी दफ्तरों की खाक छान रहे हैं। मामला है लाल सोने यानी कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत का। आलम यह है कि मैरिज गार्डन संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए हैं, जिससे अब दूल्हे खुद गुहार लगा रहे हैं— साहब, पनीर की सब्जी ठंडी रह जाएगी, 25 सिलेंडर का जुगाड़ करवा दो! शादी कार्ड के साथ गैस की अर्जी गुना के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में इन दिनों फाइलों से ज्यादा शादी के कार्ड नजर आ रहे हैं। कोकाटे कॉलोनी के रहने वाले दीपक जाट अपनी शादी का कार्ड लेकर पहुंचे और आवेदन दिया कि उनकी शादी 18 अप्रैल को मणिधारी गार्डन से है, जिसके लिए उन्हें कमर्शियल गैस की 25 टंकियों की सख्त जरूरत है। दीपक अकेले नहीं हैं, नारायण सिंह कुशवाह और रामरतन सिंह जैसे सैकड़ों पिता और दूल्हे कतार में हैं। नारायण सिंह को 4-5 टंकियां चाहिए तो रामरतन सिंह अपनी बेटी की शादी की रसोई के लिए 15 टंकियों की मांग कर रहे हैं। गार्डन वालों की नो गैस पॉलिसी शहर के मैरिज गार्डन संचालकों ने नया पैंतरा अपनाया है। वे बुकिंग तो कर रहे हैं, लेकिन एक शर्त के साथ— खाना बनेगा या नहीं, यह आपके सिलेंडर तय करेंगे। गार्डन संचालक अब डीजल, लकड़ी और कोयले की भट्टियों पर जोर दे रहे हैं, लेकिन हलवाई की डिमांड तो गैस सिलेंडर ही है। यही वजह है कि अब शादी वाले घरों में बैंड-बाजे की चिंता कम और सिलेंडर की चिंता ज्यादा सता रही है। एक सामान्य शादी में करीब 15 से 20 सिलेंडर लग रहे हैं, और अगर मेहमान 2 हजार से ऊपर हुए, तो सिलेंडर की गिनती 25 पार कर जाती है। विभाग की अपनी मजबूरी, दूल्हों की अपनी हताशा पिछले 10 दिनों में विभाग के पास 200 से ज्यादा ऐसे इमोशनल आवेदन पहुंच चुके हैं, जिनमें शादी की दुहाई दी गई है। खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी अवधेश पांडेय का कहना है कि वे डिमांड के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन एक परिवार को 5 या 6 से ज्यादा सिलेंडर दे पाना फिलहाल चुनौती बना हुआ है। अब सीधे कंपनियों को डिमांड भेजी जा रही है ताकि आधार नंबर के जरिए पारदर्शिता बनी रहे और दुरुपयोग न हो। दूल्हे की अनोखी गुहार खाद्य विभाग के बाहर खड़े एक आवेदक ने चुटकी लेते हुए कहा, पंडित जी ने मुहूर्त तो निकाल दिया, लेकिन सिलेंडर के बिना दाल-बाटी का मुहूर्त बिगड़ा हुआ है। कुल मिलाकर, गुना में इस वक्त शादी के सात वचनों से ज्यादा चर्चा उन 25 सिलेंडरों की हो रही है, जिनके बिना शादी की रौनक अधूरी है। अब देखना यह है कि प्रशासन दूल्हों की इस हॉट डिमांड को कितना ठंडा कर पाता है। इनका कहना है - मेरी बेटी की शादी 26 अप्रैल को है। उसकी रसोई के खाना के लिए मुझे 15 टंकी की आवश्यकता है। ताकि मेरी बेटी की शादी की रसोई का कार्य हो सके।- रामरतन सिंह रघुवंशी, दुर्गा कॉलोनी गुना - मेरी शादी कल है मुझे कम से कम 25 टंकी की आवश्यकता है। यदि सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो सके तो बड़ी दिक्कत हो जाएगी।- दीपक जाट, दूल्हा राजा - हम डिमांड के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन एक परिवार को 5 या 6 से ज्यादा सिलेंडर दे पाना फिलहाल चुनौती बना हुआ है। अब सीधे कंपनियों को डिमांड भेजी जा रही है ताकि आधार नंबर के जरिए पारदर्शिता बनी रहे और दुरुपयोग न हो।- अवधेश पांडेय, खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी गुना -सीताराम नाटानी