* सूरत साइबर क्राइम सेल की बड़ी कार्रवाई, 23 से अधिक मामलों में नाम सामने आया सूरत (ईएमएस)| सूरत साइबर सेल ने बेहद सस्ते दामों पर फ्लाइट टिकट बुक कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर एक बैचलर ऑफ आयुर्वेद, मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) के छात्र को गिरफ्तार किया है, जिसने डॉक्टर बनने की पढ़ाई के दौरान ही साइबर अपराध का रास्ता चुन लिया था। मामला तब सामने आया जब सूरत के एक ट्रैवल एजेंट को सामान्य दर से काफी कम कीमत पर एयर टिकट उपलब्ध कराने का लालच दिया गया। आरोपी ने वर्ष 2024 में बेंगलुरु में अपनी ट्रैवल एजेंसी की शुरुआत की थी और इसी के जरिए ठगी का जाल बिछाया। ट्रैवल एजेंट ने अपने करीब 15 ग्राहकों की कुल 45 हवाई टिकटों की बुकिंग के लिए आरोपी को 7.67 लाख रुपये का भुगतान किया था। लेकिन पैसे मिलने के बाद आरोपी ने असली टिकटों की जगह फर्जी और नकली एयर टिकट भेजकर धोखाधड़ी की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हुमायूं कबीर अब्दुल रज्जाक के रूप में हुई है। जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई है कि उसके पास 29 अलग-अलग बैंक खाते मिले हैं, जिनका उपयोग वह अवैध लेन-देन के लिए करता था। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) की जांच में पता चला है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही 23 साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें लगभग 22.24 करोड़ रुपये के लेन-देन के सबूत मिले हैं। इसके अलावा अन्य बैंक खातों की जांच में 7 और शिकायतें तथा 7.19 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फ्रॉड का भी खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम सेल अब इस मामले में जुड़े अन्य साथियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस टीम ने शिकायत के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। फिलहाल, सूरत साइबर क्राइम सेल इस पूरे अंतरराज्यीय साइबर गिरोह की गहराई से जांच कर रही है ताकि इसके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। सतीश/17 अप्रैल