:: अहिल्या पलटन में सज गया था मंडप, प्रशासन की समझाइश के बाद टाला गया विवाह :: इंदौर (ईएमएस)। शहर के अहिल्या पलटन क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में गूँज रहे शादी के गीतों के बीच महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम दबिश देने पहुँची। यहाँ 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने से महज 6 माह पहले ही एक बेटी का विवाह रचाया जा रहा था। जब टीम ने कार्रवाई शुरू की, तो लड़की के पिता ने यह कहकर चौंका दिया कि हमारी परंपरा के अनुसार समाज को 2 साल पहले (16 वर्ष में) शादी करने की छूट है। दुल्हन को हल्दी लग चुकी थी और 19 अप्रैल को बारात आनी थी। विभाग की परियोजना अधिकारी चित्रा यादव और बाल विवाह विरोधी उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक ने जब पिता से समाज को मिली कथित छूट का सरकारी आदेश माँगा, तो वे निरुत्तर हो गए। टीम ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और कम उम्र में शादी के दुष्परिणाम समझाए। लंबी बहस के बाद दोनों पक्ष विवाह निरस्त करने पर सहमत हुए। :: भोज की अनुमति, फेरों पर पाबंदी :: परिजनों ने दलील दी कि कार्ड बँट चुके हैं और काफी खर्च हो चुका है, इसलिए मेहमानों को खाली हाथ नहीं लौटा सकते। इस पर प्रशासन ने केवल भोजन कराने की अनुमति दी, लेकिन फेरों और विवाह की अन्य रस्मों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। :: कलेक्टर के निर्देश पर विशेष निगरानी :: कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। महेंद्र पाठक ने बताया कि शपथ पत्र लेने के बावजूद 19 अप्रैल को वर-वधु के घर पर विशेष नजर रखी जाएगी। यदि नियमों का उल्लंघन हुआ, तो तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में चाइल्डलाइन के फूल सिंह कारपेंटर, संगीता सिंह, हर्षा जेठवा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मुख्य भूमिका रही। प्रकाश/17 अप्रैल 2026