* राज्य पुलिस की सख्त कार्रवाई, विभिन्न जिलों के आरोपियों को जेल भेजा गया; नशामुक्त गुजरात के लक्ष्य की ओर कड़ा कदम गांधीनगर (ईएमएस)| गुजरात पुलिस ने मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों के खिलाफ अपनी कार्रवाई और अधिक तेज कर दी है। इसी क्रम में नारकोटिक ड्रग्स और मनःप्रभावी पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम, 1988 के तहत पांच और आरोपियों को निवारक हिरासत में लेकर राज्य की विभिन्न जेलों में भेज दिया गया है। यह आदेश राज्य के पुलिस महानिदेशक (अपराध शाखा) डॉ. के.एल.एन. राव द्वारा जारी किया गया। यह कार्रवाई मादक पदार्थ विरोधी विशेष कार्य बल और अपराध शाखा की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से की गई। इन आरोपियों के खिलाफ राजकोट शहर, अरवल्ली, बनासकांठा, नवसारी और जूनागढ़ जिलों में कार्रवाई की गई है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों में भिलोडा तालुका के वांकाटिंबा गांव के बाबूभाई नीनामा (उम्र 49), पालनपुर (बनासकांठा) के ईश्वर उर्फ हेंडल सलाट (उम्र 28), वांसदा (नवसारी) के मनोजगिरी गोस्वामी (उम्र 45), जूनागढ़ के वहीद पंजा (उम्र 50) और राजकोट के इमरान बेलिम (उम्र 32) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी पहले भी मादक पदार्थ नियंत्रण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन बाद में जमानत पर रिहा कर दिए गए थे। रिहाई के बाद इनके फिर से मादक पदार्थों की खरीद, बिक्री, परिवहन या भंडारण जैसी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका को देखते हुए यह कड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है। पुलिस का कहना है कि जैसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ निवारक कानून लागू किए जाते हैं, वैसे ही मादक पदार्थ मामलों के आरोपियों पर भी यह निवारक हिरासत कानून लागू किया जाता है। सरकार का उद्देश्य राज्य को नशामुक्त बनाना है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में अब तक कुल 86 आरोपियों को इस अधिनियम के तहत हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है, जबकि चालू वर्ष के पहले चार महीनों में 21 व्यक्तियों पर ऐसी कार्रवाई की गई है। सतीश/17 अप्रैल