राज्य
17-Apr-2026


:: 12वीं में उम्मीद के मुताबिक अंक नहीं आने से अवसाद में थी खुशी, अस्पताल में तोड़ा दम :: इंदौर (ईएमएस)। शहर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में एक 18 वर्षीय छात्रा द्वारा आत्मघाती कदम उठाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कक्षा 12वीं की छात्रा खुशी मौर्य ने परीक्षा परिणाम उसकी उम्मीद के अनुरूप नहीं आने से व्यथित होकर जहरीला पदार्थ गटक लिया। परिजनों को जैसे ही इसकी भनक लगी, वे उसे तुरंत उपचार के लिए निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमरेंद्र सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि खुशी अपने 12वीं के अंकों को लेकर काफी समय से मानसिक तनाव और अवसाद में थी। गुरुवार रात उसने अपने घर पर जहर खा लिया। अस्पताल से मिली सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक छात्रा की स्थिति काफी नाजुक हो चुकी थी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। :: स्वजनों के दर्ज होंगे बयान, विस्तृत जांच शुरू :: पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रा के कमरे की तलाशी ली जाएगी ताकि यह पता चल सके कि क्या उसने कोई सुसाइड नोट छोड़ा है। इसके साथ ही मृतका के माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों के विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या अंकों के दबाव के अलावा भी कोई अन्य कारण था। पुलिस इस बात की भी तफ्तीश कर रही है कि परीक्षा परिणाम के बाद छात्रा की काउंसलिंग की गई थी या नहीं। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा प्रणाली और बच्चों पर बढ़ते अंकों के बोझ को लेकर बहस छेड़ दी है। मनोचिकित्सकों का कहना है कि रिजल्ट के समय माता-पिता को बच्चों के साथ अधिक समय बिताना चाहिए और उन्हें यह समझाना चाहिए कि एक परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम फैसला नहीं होता। पुलिस प्रशासन ने भी अपील की है कि किसी भी प्रकार के तनाव की स्थिति में छात्र या परिजन विशेषज्ञों की मदद लें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके। प्रकाश/17 अप्रैल 2026