देहरादून (ईएमएस)। वर्षवार भर्ती प्रणाली की बहाली की मांग को लेकर नर्सिंग अभ्यर्थियों का धरना आज 134वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे इस आंदोलन के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। नर्सिंग बेरोजागरों में आक्रोश पनप रहा है। यहां धरना स्थल एकता विहार पर अभ्यर्थियों ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पंुडीर ने कहा कि बार-बार अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रखने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह उदासीनता न केवल युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से लंबित होने के कारण कई योग्य उम्मीदवार रोजगार से वंचित हैं। वहीं, कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार करने की कगार पर पहुंच चुके हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में अभ्यर्थियों ने 19 अप्रैल से आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि अब यह संघर्ष अपने अधिकारों की निर्णायक लड़ाई बन चुका है। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि सभी लंबित बैचों को वर्षवार भर्ती प्रणाली के तहत शीघ्र समायोजित किया जाए तथा रिक्त पदों को उसी क्रम में भरा जाए। इस अवसर पर कई अभ्यर्थी मौजूद रहे। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/17 अप्रैल 2026