:: बेहतर काम करने वाले होंगे पुरस्कृत, पिछड़ों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग; लापरवाही पर गाज गिरना तय :: इंदौर (ईएमएस)। शहर में अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी व जनोन्मुखी बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शुरू की गई मानकीकृत मूल्यांकन प्रणाली के मार्च माह के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इस रिपोर्ट कार्ड ने शहर के 32 थानों की कार्यक्षमता और मैदानी सक्रियता की साख को उजागर किया है। मूल्यांकन के कड़े मापदंडों - अपराध नियंत्रण, लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण और जनसंतुष्टि पर खरा उतरते हुए थाना चंदन नगर पूरे कमिरेट में अव्वल रहा है। वहीं, भंवरकुआं और द्वारिकापुरी ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल कर ज़ोन-04 का वर्चस्व कायम किया है। मूल्यांकन के विस्तृत विश्लेषण से थानों की कार्यप्रणाली में भारी असमानता उजागर हुई है। एक ओर जहाँ ज़ोन-04 के छह थानों ने टॉप-10 में जगह बनाकर अपनी कार्यक्षमता का लोहा मनवाया है, वहीं इसी ज़ोन का सराफा थाना (32) पूरे शहर में सबसे अंतिम पायदान पर पिछड़ गया है। यह विरोधाभास दर्शाता है कि एक ही ज़ोन के भीतर प्रशासनिक कसावट और मैदानी सक्रियता के स्तर में बड़ा अंतर है। शीर्ष दस की सूची में जूनी इंदौर (4), बाणगंगा (5), खजराना (6), अन्नपूर्णा (7), तिलक नगर (8), रावजी बाजार (9) और हीरानगर (10) ने अपनी सक्रियता से सम्मानजनक जगह बनाई है, जबकि कई हाई-प्रोफाइल थाने रैंकिंग की दौड़ में पीछे छूट गए हैं। शहर के सभी थानों के ज़ोन-वार प्रदर्शन पर नज़र डालें तो परिणाम चौंकाने वाले रहे हैं। ज़ोन-03 में बाणगंगा और हीरानगर ने साख बचाई, लेकिन पलासिया (13) और तुकोगंज (24) की रैंकिंग औसत रही। ज़ोन-02 में खजराना और तिलक नगर ने मान बढ़ाया, मगर विजय नगर (20) और कनाडिया (19) जैसे ए श्रेणी के थाने पिछड़ गए। सबसे निराशाजनक स्थिति ज़ोन-01 की रही, जिसका कोई भी थाना टॉप-10 में जगह नहीं बना सका। यहाँ राऊ (14) और तेजाजी नगर (15) ही कुछ बेहतर स्थिति में दिखे, जबकि खुड़ैल (30) और किशनगंज जैसे थाने काफी नीचे रहे। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि यह रैंकिंग केवल सांख्यिकीय आंकड़े नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही का दर्पण है। बेहतर प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा, वहीं फिसड्डी रहे थानों, विशेषकर परदेशीपुरा (29), खुड़ैल (30), खजराना-पुराना (31) और सराफा (32) के प्रभारियों की अलग से समीक्षा की जाएगी। कमजोर परफॉर्मेंस वाले स्टाफ के लिए विशेष ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया गया है। अधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अगले माह के नतीजों में सुधार नहीं दिखा, तो संबंधितों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर उन्हें फील्ड से पृथक किया जाएगा। प्रकाश/17 अप्रैल 2026