अंतर्राष्ट्रीय
18-Apr-2026
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-अगर ये जमी संपत्तियां मिल जाती हैं, तो ईरान की अर्थव्यवस्था में आ जाएगा सुधार तेहरान,(ईएमएस)। ईरान की अर्थव्यवस्था के भविष्य को लेकर वैश्विक स्तर पर बड़ी अटकलें लगाई जा रही हैं। खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के किसी संभावित फैसले के बाद। करीब आठ लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि, जो कई देशों के बैंकों में दशकों से फंसी हुई है, अगर वह जारी हो जाती है तो ईरान को एक अभूतपूर्व आर्थिक सहारा मिल सकता है, लेकिन यह एक बड़ा सवाल है कि आखिर यह विशाल राशि कहां-कहां अटकी है और इसे अब तक वापस क्यों नहीं किया गया? अमेरिका से लेकर यूरोप और एशिया तक फैला यह ‘फ्रोजन एसेट्स’ का जाल अब एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में आ गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान एक बार फिर अमेरिका से अपनी इस अहम ‘फ्रोजन एसेट्स’ को जारी करने की मांग कर रहा है। ये संपत्तियां कई देशों के बैंकों में सालों से जमी हैं और ईरान इन्हें अपनी चरमराती अर्थव्यवस्था के लिए अहम मान रहा है। ‘फ्रोजन एसेट्स’ या जमी हुई संपत्तियां, वित्तीय विश्व में एक जटिल अवधारणा है। यह तब होता है जब कोई देश या अंतरराष्ट्रीय संगठन किसी दूसरे देश की संपत्ति, धनराशि या बैंक खातों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा देता है। अमेरिका ने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ही ईरान पर कई कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप ईरान अपने तेल निर्यात से अर्जित अरबों डॉलर का इस्तेमाल करने में असमर्थ है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान की ये विशाल संपत्तियां विश्व के कोने-कोने में बिखरी हुई हैं। चीन में करीब 20 अरब डॉलर, जापान में 1.5 अरब डॉलर, इराक में 6 अरब डॉलर और भारत में करीब 7 अरब डॉलर की राशि फंसी हुई है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका और यूरोपीय देशों में भी अरबों डॉलर की धनराशि जमा है, जो अब वैश्विक राजनीति का एक अहम मुद्दा बन गई है। ईरान को इस धनराशि की बहुत जरुरत है। दशकों से चले आ रहे अमेरिकी प्रतिबंधों, भू-राजनीतिक तनाव और हालिया क्षेत्रीय संघर्षों ने देश की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। ईरान में महंगाई आसमान छू रही है और उनकी राष्ट्रीय मुद्रा रियाल की कीमत लगातार गिरती जा रही है, जिससे आम जनता का जीवन यापन दुष्कर हो गया है। देश की बुनियादी सुविधाएं चरमरा रही हैं और जरुरी वस्तुओं की आपूर्ति भी बाधित हो रही है। अगर ये जमी हुई संपत्तियां जारी हो जाती हैं, तो ईरान अपनी अर्थव्यवस्था में सुधार ला सकेगा। वर्तमान में ईरान फिर से अमेरिका से अपनी इस महत्वपूर्ण धनराशि को जारी करने का आग्रह कर रहा है। यह मुद्दा केवल वित्तीय नहीं, बल्कि एक जटिल भू-राजनीतिक पहेली का हिस्सा है, जिसके समाधान पर न केवल ईरान का भविष्य, बल्कि मध्य-पूर्व और वैश्विक ऊर्जा बाजार का संतुलन भी निर्भर करेगा। सिराज/ईएमएस 18 अप्रैल 2026