मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई शहर में हुए चर्चित ड्रग ओवरडोज मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला उस घटना से जुड़ा है जिसमें दो एमबीए छात्रों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य छात्रा की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, मुंबई से सटे कल्याण निवासी 21 वर्षीय छात्र शुभ अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में यह अब तक की आठवीं गिरफ्तारी है। उसे बोरीवली की मजिस्ट्रेट अदालत ने सोमवार तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि अग्रवाल ने अपने सह-आरोपी प्रतीक पांडे के घर पर एक्स्टेसी की गोलियां पहुंचाई थीं। पुलिस को उम्मीद है कि अग्रवाल से पूछताछ के जरिए इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सकेगा, जो फिलहाल फरार है। आपको बता दें कि यह घटना 11 अप्रैल को मुंबई के पश्चिमी उपनगर गोरेगांव पूर्व में आयोजित एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान हुई थी, जहां 19 एमबीए छात्रों के समूह में शामिल एक 28 वर्षीय युवक और 24 वर्षीय युवती ने कथित तौर पर ड्रग्स का सेवन किया था। इसके बाद दोनों की तबीयत बिगड़ गई और अगले दिन अलग-अलग अस्पतालों में उनकी मौत हो गई। वहीं, 25 वर्षीय एक अन्य छात्रा अभी भी अस्पताल में भर्ती है। इस मामले में पुलिस ने पहले ही प्रतीक पांडे और रोनक खंडेलवाल को गिरफ्तार किया था, जिन पर ड्रग्स उपलब्ध कराने का आरोप है। पूछताछ में पांडे ने बताया कि उसे ये ड्रग्स कल्याण के एक कंस्ट्रक्शन कारोबारी आनंद पटेल ने सप्लाई किए थे। पटेल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि ड्रग्स की कुछ खेप ऑनलाइन कूरियर ऐप के जरिए भेजी गई थी, जबकि कुछ पैकेट अग्रवाल द्वारा चारनी रोड स्थित पांडे के घर तक पहुंचाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, अग्रवाल खुद भी अंधेरी के एक मैनेजमेंट कॉलेज का छात्र है और वह उस म्यूजिक कॉन्सर्ट में मौजूद था, जहां यह घटना हुई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या अग्रवाल पहले भी इसी तरह ड्रग्स की सप्लाई करता था और क्या इसमें किसी तरह का आर्थिक लेन-देन हुआ था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिछले तीन-चार महीनों में कई बार ड्रग्स खरीदे जाने की जानकारी मिली है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या ड्रग्स की सप्लाई कल्याण क्षेत्र से ही हो रही थी, क्योंकि मुख्य आरोपी वहीं के रहने वाले हैं। हालांकि, आरोपी आनंद पटेल और शुभ अग्रवाल के वकीलों का कहना है कि उनके मुवक्किलों को केवल पहचान के आधार पर फंसाया गया है। फ़िलहाल पुलिस अब इस मामले के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है और आगे की जांच जारी है। संजय/संतोष झा-१८ अप्रैल/२०२६/ईएमएस