नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली विधानसभा के नेशनल लेजिस्लेटिव इंडेक्स (एनएलआइ) पहल को प्रस्ताव को समर्थन की शुरुआत हो गई है। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) ने प्रस्तावित नेशनल लेजिस्लेटिव इंडेक्स (एनएलआइ) के प्रति अपना समर्थन जताया है। यह पहल देश की सभी विधानसभाओं के कामकाज को एक समान तरीके से परखने और उसे बेहतर बनाने के लिए है। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को लिखे पत्र में उन्होंने इस पहल को दूरदर्शी और उपयोगी बताया। साथ ही, उन्होंने विधायी संस्थाओं को मजबूत बनाने की दिशा में इस महत्वपूर्ण कदम के लिए दिल्ली विधानसभा को बधाई दी। बता दें कि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष गुप्ता द्वारा नेशनल लेजिस्लेटिव इंडेक्स (एनएलआइ) का प्रस्ताव दिया गया है। यह एक संरचित एवं तुलनात्मक ढांचा है, जिसके माध्यम से विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के कार्य-प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। इसमें बैठकें, कार्य घंटे, बहस का लाभ तथा समितियों की प्रभावशीलता जैसे मानकों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता, आत्म-मूल्यांकन, सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने तथा विधानसभाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस प्रस्ताव पर पहले ही समिति काे बनाने की बात कह चुके हैं। तमांग ने विधानसभा काे भेजे गए पत्र में कहा है कि पारदर्शिता और नवीनताओं जैसे मानकों पर विधानसभाओं का आकलन करना समय की मांग है। उन्होंने जोर दिया कि भविष्य के अनुरूप और अधिक उत्तरदायी बनने के लिए विधायी संस्थाओं को डेटा-आधारित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/18/ अप्रैल /2026